सिवालयं या श्री राजाराजेश्वर मंदिर, यानम का प्रमुख धार्मिक स्थान है। इस मंदिर का निर्माण 15 वीं सदी के चालुक्या वंश के राजा, राजामहेन्द्रावरम ने किया था। मंदिर की अलंकृत मूर्तियाँ इसे प्रमुख स्थान बनाती है, ये मूर्तियाँ आज भी उसी तरह मौजूद है। यह मंदिर अत्रेय गोदावरी नदी के किनारे बना है, जिसे कोरंगी नदी भी कहा जाता है। कल्याणओत्सवं और रथोत्सवं इस मंदिर में मानए जाने वाले दो प्रमुख त्योहार हैं।
माघ के महीने में यहाँ कल्याणओत्सवं का त्योहार मनाया जाता है, माघ का महीना मध्य जनवरी से लेकर फरवरी तक का होता है। इस त्योहार में भगवान श्री राजाराजेश्वर को दूल्हे की तरह सजा कर सडकों पर जुलूस निकालते हैं। रथोत्सवं भी इस त्योहार का एक हिसा है। रथोत्सवं में भगवान को पूरे कर्मकांडों के साथ रथ पर बैठाया जाता है, और श्रद्धालु इस रथ को खींचते हैं।



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