बसरा सरवती मंदिर उस स्थान पर स्थित है जहाँ गोदावरी और मंगीरा नदियाँ मिलती हैं। यह मंदिर बसर गाँव में स्थित है। यह मंदिर देवी सरस्वती को समर्पित है जी बुद्धि और ज्ञान की देवी मानी जाती हैं। यह देश के कई प्राचीन मंदिरों में से एक है जिसमें देवी सरस्वती की मूर्ती रखी गई है।
हिंदू पुराणों के अनुसार, यह मंदिर उस स्थान पर बनाया गया है जहाँ ऋषि वेद व्यास ने तपस्या की थी। ऋषि ने देवी सरस्वती, लक्ष्मी और काली, तीन देवियों की मूर्तियाँ की बनाई थी। उन्होंने ये मूर्तियाँ रेत से बनाई थी।
इस मंदिर का निर्माण चालुक्य राजाओं ने देवी सरस्वती के सम्मान में किया था। आजकल इस मंदिर में पंचमी और नवरात्री जैसे त्योहार बड़े पैमाने पर मनाये जाते हैं। हिंदुओं का एक प्रसिद्ध रिवाज़ ‘अक्षर ज्ञान’ भी इस मंदिर में मनाया जाता है। यह एक महत्वपूर्ण हिंदू रिवाज़ है और एक बच्चे के जीवन में औपचारिक शिक्षा के प्रारंभ को दर्शाता है।



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