Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल » आगरा » आकर्षण » दीवान-ए-खास

दीवान-ए-खास, आगरा

76

आगरा किले में स्थित दीवान-ए-खास का निर्माण दीवान-ए-आम की तरह ही मुगल बादशाह शाहजहां ने 1935 में करवाया था। दीवान-ए-आम के विपरीत इसका प्रयोग विशिष्ट लोगों के लिए किया जाता था। दीवान-ए-खास का निर्माण विदेशी उच्च पदाधिकारी, राजदूत और राजाओं की खातिरदारी के लिए किया गया था। साथ ही यहां पूर्ण गोपनीयता के साथ साम्राज्य के बारे में चर्चा की जाती थी। यही वजह है कि मुलगकाल में दीवान-ए-खास सत्ता का वास्तविक केन्द्र हुआ करता था।  हॉल में बने चबूतरे में दो भव्य सिंहासन हुआ करता था।

एक पर बादशाह बैठते थे, जो कि सफेद संगमरमर से बना था। वहीं दूसरा सिंहासन मेहमान के लिए था, जिसे काले पत्थर से बनवाया गया था। इस भव्य हाल को कीमती पत्थर, सोना और चांदी के आभूषणों से सजाया गया था, जिससे यह यहां आने वालों का ध्यान बरबस ही अपनी ओर खींचता था।

हॉल की छत को लकड़ी की तख्ती से बनाया गया था और सोने व चांदी की परतों से ढंका गया था, जिससे यह सूर्य की तरह चमकदार होने का आभास कराता था। यहां एक दरवाजे के जरिए पहुंचा जा सकता था, जो दोहरे स्तंभ से बना था। हॉल के अंदरूनी हिस्से में पर्सियन शिलालेख अंकित था, जो इस हॉल की तुलना सर्वोच्च स्वर्ग से और बादशाह की तुलना सूर्य से करता था।

One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
31 Jul,Fri
Return On
01 Aug,Sat
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
31 Jul,Fri
Check Out
01 Aug,Sat
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
31 Jul,Fri
Return On
01 Aug,Sat