यह मंदिर सनातन धर्म में विश्वास रखने वाले स्वामीनरायाण संप्रदाय का मंदिर है। इस मंदिर को गुलाबी पथर से बनवाया गया था जिसमें भगवान स्वामीनरायण की मूर्ति रखी हुई है, जो इस सम्प्रदाय के संस्थापक है। मंदिर में स्वंय स्वामीनारायण की मूर्ति लगी हुई है जो पूरी तरीके से सोने से मढ़ी हुई है और यहां दोनो ओर स्वामी गुनाटीनंद और स्वामी गोपालनंद के की मूर्ति भी रखी हुई है।
मंदिर तीन मंजिला है - हरी मंडपम या मुख्य तल, विभूति मंडपम या ऊपरी तल, प्रसादी मंडपम या भूमि तल। मंदिर में 7 खंभे, 210 सिंगल स्टोल बीम, 25 गुंबद और 8 झरोखे है। हर खंभे पर खूबसूरत नक्काशी है। इस मंदिर के पूरे निर्माण में किसी भी प्रकार से स्टील को नहीं लगाया गया है। इस मंदिर में पत्थर पर कई प्रकार से काम देखने को मिलता है।
इस मंदिर में लाइट और सांउड शो भी होता है जिसमें सनातन धर्म से जुड़ी कई बातों का प्रदर्शन किया जाता है। इस शो में वेदों के बारे में, पुराणों के बारे में और कई हिंदू धर्म के ग्रन्थों के बारे में प्रदर्शन किया जाता है। यहां एक रास्ता बना हुआ है और पूरे मंदिर में 356 खंभे बने हुए है। यहां एक सामाजिक सद्भाव केंद्र है जहां एप्लाइड रिर्सच की जाती है जो विद्वानों को शोध का अवसर प्रदान करती है।



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