Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल » अजमेर » आकर्षण » अढ़ाई दिन का झोपड़ा

अढ़ाई दिन का झोपड़ा, अजमेर

33

अढ़ाई दिन का झोपड़ा एक मस्जिद है जिसके पीछे एक रोचक कथा है। ऐसा माना जाता है कि यह संरचना अढ़ाई दिन में बनाई गई थी। यह भवन मूल रूप से एक संस्कृत विद्यालय था जिसे मोहम्मद गोरी ने 1198 ई. में मस्जिद में बदल दिया था। यह मस्जिद एक दीवार से घिरी हुई है जिसमें 7 मेहराबें हैं, जिन पर कुरान की आयतें लिखी गई हैं। हेरत के अबू बकर द्वारा डिजाइन की गई यह मस्जिद भारतीय- मुस्लिम वास्तुकला का एक उदाहरण है।

बाद में 1230 ई. में सुलतान अल्त्मुश द्वारा एक उठी हुई मेहराब के नीचे जाली जोड़ दी गई थी। उत्तर में एक दरवाज़ा मस्जिद का प्रवेश द्वार है। सामने का भाग पीले बलुआ पत्थर से बनी कई मेहराबों द्वारा सजाया गया है। मुख्य मेहराब के किनारे छह छोटी मेहराबें एवं कई छोटे छोटे आयताकार फलक हैं जो प्रकाश तंत्र बनाते हैं। इस प्रकार की विशेषताएं अधिकतर प्राचीन अरबी मस्जिदों में पाई जाती है।

भवन के आंतरिक भाग में एक मुख्य कमरा है जो कई स्तंभों द्वारा समर्थित है। संरचना को अधिक उंचाई प्रदान करने के लिए खंभों को एक के उपर एक रखा गया है। स्तंभ जो चौड़े आधार के साथ बनाए गये हैं, उंचाई बढने के साथ धुंधले होते जाते हैं।

One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
03 Apr,Fri
Return On
04 Apr,Sat
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
03 Apr,Fri
Check Out
04 Apr,Sat
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
03 Apr,Fri
Return On
04 Apr,Sat