बेंगलुरु स्थित पिरामिड वेली को मैत्रिया-बुद्धा विश्वलायम भी कहा जाता है। यह शहर का एक महत्वपूर्ण आकर्षण है। इस वेली में विश्व का सबसे बड़ा मेडिटेशन पिरामिड स्थित है। आज यह पर्यटकों के बीच मेडिटेशन के अंतरराष्ट्रीय केन्द्र के रूप में चर्चित हो रहा है। खासकर उन लोगों का झुकाव इसकी ओर ज्यादा होता है जो तसल्ली, आत्मिक बुद्धि और आत्मबोध की तलाश करते हैं।
पिरामिड वेली रामनगरम जिले के केब्बेडोड्डी गांव में स्थित है। इसकी स्थापना बेंगलुरु में 2003 में ब्रह्मर्षी सुभाष पत्री पिरामिड स्प्रीचुअल ट्रस्ट द्वारा किया गया था। यह ट्रस्ट पिरामिड स्प्रीचुअल सोसाइटीज मूवमेंट के संस्थापकों का एक संगठन है। एक विशाल खूबसूरत परिसर में फैले इस स्थान पर मेडिटेशन के लिए पिरामिड बने हुए हैं, जहां एक साथ 5000 लोग समा सकते हैं।
ऐसा माना जाता है कि बाहर खुले में मेडिटेशन करने की अपेक्षा पिरामिड के अंदर मेडिटेशन करना ज्यदा लाभदायक होता है। पिरामिड में मेडिटेशन करने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं।
मिरामिड के बारे में
जैसा कि पहले भी कहा गया कि यह विश्व का सबसे बड़ा मेडिटेशन पिरामिड है। इसके आधार का आकार 160 फीट गुणा 160 फीट है और ऊंचाई 102 फीट है। पिरामिड के अंदर एक स्पाइरल किंग चैंबर है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह पिरामिड का सबसे ज्यादा ऊर्जावान जगह है। यहां पर एक साथ 40 लोग बैठ कर मेडिटेशन कर सकते हैं।
इसे मिस्र के गीजा पिरामिड की तर्ज पर बनाया गया है। इसका ऑरिएंटेशन उत्तर-दक्षिण दिशा में है और यह चारों ओर से तिरछी ढलान के साथ सतह तक गया है। साथ ही इसके केन्द्र में एक किंग चैंबर भी है। इतना ही नहीं, पिरामिड की ऊर्जा को बढ़ाने और लोगों को एक मजबूत मेडिटेशन का अनुभव कराने के लिए इस विशाल पिरामिड में हिमालय के 640 क्रिस्टल भी लगाए गए हैं।
कैसे पहुंचें
पिरामिड वेली दक्षिण बेंगलुरु की ओर स्थित है और सड़क मार्ग के जरिए यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। यह बंगलुरू इंटरनेशनल एयरपोर्ट से करीब 75 किमी और बेंगलुरु रेलवे स्टेशन से करीब 35 किमी है। अगर आप बस से यहां जाना चाहते हैं तो कनकपुरा या हारोहल्ली की ओर जाने वाली केएसआरटीसी की कोई भी बस ले लें। साथ ही आप एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से प्राइवेट टैक्सी के जरिए भी यहां पहुंच सकते हैं। इसके कैंपस में रहने की सुविधा भी उपलब्ध है।



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