Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल » बाराबंकी » आकर्षण
  • 01बाराबंकी घंटाघर

    बाराबंकी घंटाघर

    बाराबंकी का घंटाघर आम लोगों और वाहनों के शहर में पहुंचने के लिए प्रवेश द्वारा का काम करता है। इसका निर्माण पत्थरों के चाप के रूप में किया गया है और इस पर लगी घड़ी में भारतीय मानक समय दिखाया जाता है। साथ ही यह शहर का एक प्रमुख लेंडमार्क भी है। इनपर पत्थरों से उकेरी...

    + अधिक पढ़ें
  • 02पारिजात

    ऐसा कहा जाता है कि बाराबंकी का पारिजात वृक्ष विश्व में अपने प्रकार का अकेला वृक्ष है। यह एक उभयलिंगी वृक्ष है, जिसमें न ही फल लगते हैं और न ही बीज होता है। इस अनूठी खासियत के कारण भी इसकी खासी लोकप्रियता है। इतना ही नहीं, कहा जाता है कि यह वृक्ष 5000 साल पुराना...

    + अधिक पढ़ें
  • 03महादेवा मंदिर

    बाराबंकी जिले के महादेवा मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यह शिव के पुराने मंदिरों में से एक है, जिसके परिसर में दुर्लभ शिवलिंग है। निष्ठापूर्ण श्रद्धालू अक्सर इस मंदिर में प्रार्थना और भगवान शिव की पूजा करने आते हैं।  एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा के अनुसार एक...

    + अधिक पढ़ें
  • 04मसौली

    मसौली

    मसौली एक छोटा गांव है, जहां प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी रफी अहमद किदवई का जन्म हुआ था। यह बहुत ही शांत गांव है और यहां विशाल मैदान के साथ-साथ कृषि योग्य भूमि भी है। जो पर्यटक भारत के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के बारे में जानने के इच्छुक होते हैं, वे स्वतंत्रता...

    + अधिक पढ़ें
  • 05सतरिख

    सतरिख

    सतरिख बाराबंकी जिले का एक ऐतिहासिक शहर है। यह वही जगह है जहां राजपरिवार के प्रमुख गुरू ने उपदेश दिए थे और राजकुमारों की कक्षाएं ली थी। यह जगह भारत के संतों और धर्मोपदेशकों की तपस्या के लिए खासी प्रसिद्ध है। इतना ही नहीं, यहां महान सूफी संत सालार शाह के पिता का...

    + अधिक पढ़ें
  • 06देवा

    देवा

    देवा या देवा शरीफ की ख्याति का मुख्य कारण यहां स्थित हाजी वारिस अली शाह का तीर्थ स्थल है। वह एक सूफी संत थे, जो ‘मानवता के लिए सर्वव्यापी प्रेम’ की अवधारणा में विश्वास करते थे। इस तीर्थ स्थल पर उनकी याद में एक महंगा मकबरा भी बनाया गया है।

    ऐसा...

    + अधिक पढ़ें
  • 07सिद्धौर

    सिद्धौर

    सिद्धौर एक ऐतिहासिक शहर है, जो कि सिद्धेश्वर महादेव मंदिर के लिए जाना जाता है। शिवरात्रि का त्योहार मनाने के लिए यहां हर साल दिसंबर और जनवरी के बीच एक विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। इस दौरान कई श्रद्धालु मंदिर में जाकर प्रार्थना करते हैं और बलि चढ़ाते हैं। इस...

    + अधिक पढ़ें
  • 08भितौली

    भितौली

    भितौली गांव की स्थापना एक धार्मिक विद्वान सैयद दाउद ने की थी। उस विद्वान और उसकी पोती का कब्र गांव के पुराने कब्रिस्तान में पया गया है। हालांकि आज भी उनके पोती के कब्र पर जाने की मनाही है। वह विद्वान प्रतिष्ठित अल्वी परिवार का हिस्सा थे, जिन्होंने भारत को कई नामी...

    + अधिक पढ़ें
  • 09बदोसराय

    बदोसराय

    बदोसराय एक प्रसिद्ध तीर्थ केन्द्र है, जो बाबा जगजीवन दास के तीर्थ स्थल के लिए जाना जाता है। वह एक संत थे, जिन्होंने कोटवा, जिसे आम तौर पर कोटवाधाम के नाम से जाना जाता है, में सतनामी पंथ की स्थापना की थी। यहां का एक पोखर पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है, जिसमें...

    + अधिक पढ़ें
  • 10किंतूर

    किंतूर

    किंतूर बदोसराय के पूर्वी छोर पर स्थित है। इस जगह का नामकरण पांडव की मां कुंती के नाम पर किया गया है। यह गांव कुंतेश्वर मंदिर के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां कई श्रद्धालू और इतिहासकार प्रार्थना के लिए आते हैं।

    + अधिक पढ़ें
One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
10 Mar,Tue
Return On
11 Mar,Wed
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
10 Mar,Tue
Check Out
11 Mar,Wed
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
10 Mar,Tue
Return On
11 Mar,Wed