शाहबाद में स्थित शाही जामा मस्जिद बरन से 80 कि.मी दूर है। इसका निर्माण मुग़ल सल्तनत के बादशाह औरंगजेब के शासन काल दौरान किया गया। विशाल स्तंभ और मेह्ब्स इस मस्जिद को बहुत सुन्दर और आकर्षक बनाते हैं जिन्हें देखने सैलानी इनकी और खींचे चले आते हैं।
जंगलों के बीच छोटी सी पाहडी पर सिद्ध शाहबाद किला काफी प्राचीन है। 1521 में चौहान वंशी धन्धेल राजपूत मुकुटमणि देव द्वारा बनाया गया यह किला हाडोती का सबसे मजबूत और बेहतरीन किला है। कुंडकोह की वादियों से घिरे इस किले में 18 तोपे है। इनके अलावा इस किले में तोपखाना,...
ककोनी, बरन जिले के छिपबरोड़ तहशील से केवल 85 कि.मी दूर है। परवान नदी के किनारे स्थित यह स्थान अपने मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। 8वी सदी में बने जैन, शिव और वैष्णव मंदिर आज खंडर बन चुके है। ककोनी मंदिर की 60% मूर्तियाँ कोटा और झालावार के अजायबघर में रखी गयी है।यहाँ...
बिलास्गढ़, बरन से 45 कि.मी दूर किशनगढ़ में स्थित है। यह खेची साम्राज्य के शासन का प्रमुख स्थान था, पर मुग़ल राजा औरंगजेब ने इसे नष्ट कर दिया। औरंगजेब खेची की राजकुमारी पर मोहित थे और उन्हें जबरन लाने के लिए अपनी सेना भेजी। मुग़ल सेना ने पूरे शहर को तबाह कर दिया,...
तपस्वियों की बगीची शाहबाद जिले का सुन्दर पिकनिक स्पॉट है। पहाड़ों के बीच बसा यह स्थान बहुत आकर्षक है। यहाँ शिव लिंग और नदिया की प्रतिमा स्थापित है। यहाँ पान की खेती होती थी, जो आज भी कि जाती है।
बरन से 50 कि.मी दूर कपिलधारा, प्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट है। यह बहुत सुन्दर स्थान है और गौमुख से बहता निरंतर पानी इसे और भी श्रेष्ठ स्थान बनता है।
बरन के अतरु तहशील की पर्बन नदी के पास बना शेरगढ़ किला अपने प्राचीन जैन और ब्राह्मण मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। यात्री इस किले में 790 ए.डी में बने कोश्वर्धन की पत्थर की प्रतिमा देख पायेंगे।
बरन से 20 कि.मी दूर सोर्सन गाँव में ब्राह्मणी माताजी का मंदिर है। प्राचीन किले के अन्दर बने इस मंदिर में, ब्राह्मणी माँ की मूर्ति है, जो बड़ी सी चट्टान के नीचे गुफा में स्थित है। कहा जाता है कि मंदिर में जल रही अखंड ज्योति पिछले 400 सालों से जल रही है। शिवरात्री...
बरन से 40 कि.मी दूर रामगढ पहाड़ी पर भांड देवरा मंदिर सिद्ध है। 10वी सदी में बना यह मंदिर, छोटे से तालाब के किनारे स्थित है। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर "राजस्थान का खजूराहो" के नाम से प्रसिद्ध है। आज यह मंदिर नवीनीकरण के लिए पुरातत्व विभाग के अंतर्गत है। रामगढ...
शेरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य बरन जिले के शेरगढ़ में है। 98 वर्ग कि.मी में फैला यह अभयारण्य कई वन्यजीवों को आश्रय प्रदान करता है। पशु प्रमियों यहाँ भालू, शेर, चीता, जंगली सूअर, चिंकारा, लकड़बगह, साम्बा, चितल और हिरन देख पाएंगे।
मनिहार महादेव मंदिर बरन से 3 कि.मी दूर बना प्राचीन मंदिर है। 600 साल पुराने इस मंदिर में महादेव और हनुमान की प्रतिमा सिद्ध है। मंदिर के पास के तालाब और यहाँ कि प्राकृतिक सुन्दरता इसकी खूबसूरती को निखारते हैं। यहाँ शिवरात्री का त्यौहार बड़े धूम धाम से मनाया जाता...