कला प्रेमियों को इस जगह से प्यार हो जायेगा। भुज से 8 किमी आगे एक छोटा सा कस्बा भुजोड़ी एक अनोखा कस्बा है, जहां के ज्यादातर स्थानीय लोग कारीगर हैं। यह कच्छ का टेक्सटाइल हब है, जहां आने वाले लोगों को कई प्रकार के कारीगर, बुनकर और ब्लॉक प्रिंटर्स देखने को मिलते हैं। भुजोड़ी के पास में स्थित आशापुरा शिल्प पार्क एवं शृजन- गैर लाभकारी संगठन हैं दोनों स्थानीय कारीगरों को अपनी कला को दिखाने का मंच प्रदान करते हैं। आशापुरा पार्क मनोरंजक कार्यक्रमों के साथ सक्रिय रहता है साथ में वीकेंड में एक्सपो भी लगती है, शृजन परिसर में उत्पादन केंद्र एवं प्रदर्शनी शामिल हैं।



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