बीजापुर में जुम्मा मस्जिद की महान ऐतिहासिक पहचान व महत्व है। आदिल शाह साम्राज्य के राजा अली आदिल शाह द्धितीय ने तालीकोटा युद्ध के जीत के जश्न में इसका निर्माण करवाया था जोकि बीजापुर का सबसे बड़ा धार्मिक स्मारक है। 10,810 वर्गमीटर के फैले हुऐ क्षेत्र में एक एक बड़ी सी मस्जिद है।
मस्जिद का गुम्बद काफी भव्य है, इसमें बहूत बड़ा आंगन है और लुभावनी मेहराब बनी हुई है। नमाज अदा करने वालों के लिए मस्जिद की फर्श पर 2,250 काले वर्गाकार हिस्सें बने हुए है। मस्जिद में पवित्र कुरान, सोने के अक्षरों से लिखी हुई है। इसकी गुम्बद का आकार प्याजनुमा है बाकी हॉल की दीवारें 45 बीम से विभाजित है।
आसपास अन्य 33 गुम्बद भी है। मस्जिद के बीचों-बीच एक झरना, हॉल और गुम्बद है। इसमें 12 मेहराब एक साथ और 12 मेहराब एक के बाद एक बनी हुई है। इसके प्रवेश द्धार का डि़जायन अन्तिम मुगल शासक औंरगजेब ने बनाया था।



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