मोईरंग भारतीय सेना का मुख्यालय रह चुका है जिसका नेतृत्व सुभाष चन्द्र बोस ने किया। आईएनए स्मारक कॉम्प्लेक्स दूसरे विश्व युद्ध में हुई घटनाओं और आज़ादी के लिए भारत के संघर्ष का गवाह है। यहाँ पर आज़ाद हिन्द फौज का झंडा पहली बार भारत की सर ज़मीन पर नेताजी द्वारा फहराया गया था।
स्मारक पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के कई बैज, पत्र और लेख के अलावा कांसे की मूर्ती है जिनकी मृत्यु 1945 में रहस्यपूर्ण तरीके से हुई थी। इस कॉम्प्लेक्स में एक संग्रहालय भी है।
आजकल कॉम्प्लेक्स का ज़्यादातर हिस्सा जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है और केंद्र सरकार ने इसे बनाने के लिए काफी पैसे दिए हैं। फिर भी यह एक ऐसी जगह है जहाँ पर्यटकों को ज़रूर जाना चाहिए।



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