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होम » स्थल » चंपावत » आकर्षण
  • 01पाताल रुद्रेश्वर

    पाताल रुद्रेश्वर

    40 मीटर लंबी और 10 मीटर चौड़ी पाताल रुद्रेश्वर गुफा की खोज 1993 में की गई थी। ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव ने मुक्ति पाने के लिए यहां तपस्या की थी। एक मान्यता यह भी है कि हिंदू देवी दुर्गा ने यहां के एक स्थानीय निवासी को सपने में दर्शन दिया था और पाताल रुद्रेश्वर...

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  • 02आदित्य मंदिर

    आदित्य मंदिर

    पहाड़ की चोटियों, फूलों की वादियों और हरे भरे घने जगलों से घिरा प्राचीन आदित्य मंदिर रमक गांव में स्थित है। यहां भारी संख्या में पर्यटक सूर्य भगवान की पूजा-अर्चना करने के लिए आते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण चंद वंश के राजाओं ने करवाया था। पर्यटक...

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  • 03बानासुर का किला

    बानासुर का किला

    लोहाघाट से 7 किमी दूर बानासुर का किला समुद्र तल से 1859 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। ऐसा माना जाता है कि इसका निर्माण मध्यकाल में किया गया था। एक और मान्यता के अनुसार भगवान श्री कृष्ण ने यहां बानासुर नाम के एक दानव की हत्या की थी।

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  • 04चौमू मंदिर

    चौमू मंदिर

    भगवान शिव को समर्पित चौमू मंदिर धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां पूरे साल श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। यहां लोग भगवान शिव को पशुओं का रक्षक मान कर उनकी पूजा करते हैं और मंदिर में घंटी बांधने के अलावा दूध भी चढ़ाते हैं। मकर संक्रांति के अवसर पर यहां...

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  • 05पंचेश्वर

    पंचेश्वर

    पंचेश्वर काली और सरयू नदी के संगम पर बसा है। संगम के स्थान पर डुबकी लगाना हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है। पंचेश्वर की सीमा पड़ोसी मुल्क नेपाल से लगती है। पर्यटक यहां 6000 मेगावाट क्षमता का बहुउद्देशीय बांध भी देख सकते हैं।

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  • 06क्रांतेश्वर महादेव मंदिर

    क्रांतेश्वर महादेव मंदिर

    चंपावत से 6 किमी दूर स्थित क्रांतेश्वर महादेव मंदिर समुद्र तल से 6000 मीटर की ऊंचाई पर बना है। यह तीर्थ स्थल भगवान शिव को समर्पित है, जिसे स्थानीय लोग कानदेव और कूर्मपड़ नाम से भी संबोधित करते हैं।

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  • 07ग्वाल देवता

    ग्वाल देवता

    ग्वाल देवता को ‘न्याय की देवी’ में गोरिल और गोल नाम से भी जाना जाता है। ग्वारैल चौर में देवता को समर्पित एक मंदिर है। पौराणिक कथा के अनुसार यह देवता कत्यूरी वंश का राज कुमार था और इसकी शौतेली मां ने षड़यंत्र रच कर इसे नदी में फिकवा दिया था।

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  • 08बालेश्वर मंदिर

    बालेश्वर मंदिर

    यह चंपावत जिले का एक खूबसूरत तीर्थस्थान है। दरअसल यह मंदिरों का समूह है, जिसका निर्माण चंद वंश ने करवाया था। ये मंदिर हिंदू देवी बालेश्वर, रत्नेश्वर और चंपावती दुर्गा को समर्पित है। मंदिर के मंडप और छत पर की गई नक्काशी इसकी खूबसूरती में और भी ईजाफा कर देती है।

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  • 09बाराही मंदिर

    बाराही मंदिर

    चंपावत से 58 किमी दूर देवीधुरा में स्थित बाराही मंदिर हिंदू देवी बाराही को समर्पित है। मंदिर के परिसर में एक बड़ा सा पत्थर रखा हुआ है, जिसके बारे में कहा जाता है कि महाभारत के पात्र पांडव इसका प्रयोग एक गेंद के रूप में करते थे। रक्षाबंधन के अवसर पर यहां लगने वाल...

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  • 10लोहाघाट

    लोहाघाट

    चंपावत से 14 किमी दूर लोहावती नदी के किनारे बसा लोहाघाट एक ऐतिहासिक शहर है। यहां की सुंदरता से मुग्ध होकर पी. बैरन ने इसे कश्मीर के बाद धरती के दूसरे स्वर्ग का खिताब दे दिया। लोहाघाट चंपावत जिले का नगर पंचायत है। पर्यटक यहां के कई पुराने मंदिरों का भ्रमण कर सकते...

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  • 11मायावती आश्रम

    मायावती आश्रम

    चंपावत से 22 किमी दूर स्थित मायावती आश्रम को अद्वैत आश्रम के नाम से भी जाना जाता है। समुद्र तल से 1940 मीटर की ऊंचाई पर बना यह आश्रम हर साल भारी संख्या में भारतीय और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है।

    1998 में स्वामी विवेकानंद ने अल्मोड़ा की अपनी तीसरी...

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  • 12पूर्णागिरी मंदिर

    पूर्णागिरी मंदिर

    पूर्णागिरी मंदिर समुद्र तल से 3000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। मार्च-अप्रैल के महीने में इस मंदिर में हिन्दू धर्म का त्योहार चैत्र नवरात्रि मनाया जाता है। इस त्योहार में भारी संख्या में पर्यटक इस मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए आते हैं। मंदिर के पास से ही काली...

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  • 13एक हथिया का नौला

    एक हथिया का नौला

    चंपावत से 5 किमी दूर स्थित एक हथिया का नौला एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। पत्थर को तराश कर बनाई गई यह कलाकृति एक पौराणिक कथा के कारण भी प्रसिद्ध है। ऐसी मान्यता है कि इस पूरी आकृति को किसी एक हाथ वाले शिल्पकार ने एक रात में तराश कर बनाया था।

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