चंपावत से 14 किमी दूर लोहावती नदी के किनारे बसा लोहाघाट एक ऐतिहासिक शहर है। यहां की सुंदरता से मुग्ध होकर पी. बैरन ने इसे कश्मीर के बाद धरती के दूसरे स्वर्ग का खिताब दे दिया। लोहाघाट चंपावत जिले का नगर पंचायत है। पर्यटक यहां के कई पुराने मंदिरों का भ्रमण कर सकते हैं, जो कि हिन्दू धर्म के विभिन्न त्योहारों को मनाने के लिए जाने जाते हैं। होली और जनमाष्टमी के दिन यहां भारी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटक चाहें तो यहां के खादी बाजार से खरीदारी कर सकते हैं और यहां पास में ही स्थित खूबसूरत गलचौरा का भ्रमण भी कर सकते हैं।



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