बस्ती पर्यटन - बांस के जंगलों और आम के पेड़ों के बीच बस्ती की सैर
बस्ती, उत्तरप्रदेश के बस्ती जिले में स्थित एक शहर है। इस शहर पर प्राचीन काल में कई वंशों ने शासन किया और क्षेत्र की सास्ंकृतिक विरासत पर अमिट छाप छोड़ी है।......
वाराणसी पर्यटन - धार्मिक रंग में डूबा वाराणसी पर्यटन
वाराणसी को बनारस और काशी के नाम से भी जाना जाता है। यह शहर, दुनिया में सबसे प्राचीन और निरंतर आगे बढ़ने वाला शहर है। इस शहर को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है। भगवान शिव, हिंदुओं......
सोनभद्र पर्यटन - सोनभद्र पर्यटन में प्राचीन स्मारक
सोनभद्र, उत्तर प्रदेश राज्य में दूसरा सबसे बड़ा जिला है। यह जिला, विंध्य पर्वत के दक्षिण - पूर्वी सीमा में स्थित है और यहां पूर्व से पश्चिम की ओर सोन नदी बहती है।......
प्रतापगढ़ - पर्यटन में आस्था की संसृति
उत्तर प्रदेश में एक ज़िला है प्रतापगढ़ और इसका नाम अपने मुख्यालय बेला प्रतापगढ़ पर पड़ा है। इतिहास गवाह है कि अजीत प्रताप सिंह नाम के एक राजा ने अरोर के पास रामपुर में अपना......
जौनपुर - यहां है ऐतिहासिक स्थलों की भरमार
जौनपुर उत्तरप्रदेश के जौनपुर जिले में पड़ता है। इसे फिरोज शाह तुगलक ने बसाया था और इसका इतिहास 1359 से मिलता है। तब इसे शीराज-ए-हिंद के नाम से जाना जाता था। अगर अभी की बात की......
मिर्ज़ापुर पर्यटन- भारत के शिल्प कौशल का जश्न
मिर्ज़ापुर उत्तरप्रदेश का एक जिला है, जिसमें मिर्ज़ापुर जिला मुख्यालय है। मिर्ज़ापुर के मुख्य आकर्षणों में, ब्रिटिश काल में बनाये गए कई घाट एवं ऐतिहासिक संरचनाएं हैं। हालांकि......
इलाहाबाद पर्यटन: संगम का पवित्र स्थल
उत्तरप्रदेश का सबसे बड़ा शहर इलाहाबाद कई मामलों में बेहद महत्वपूर्ण शहर है। यह न सिर्फ हिन्दुओं का महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है, बल्कि आज के भारत को बनाने में भी इसकी अहम भूमिका रही......
कुशीनगर पर्यटन - विश्वास का संगम
कुशीनगर, उत्तरप्रदेश में एक महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थ शहर है। बौद्ध धर्म के ग्रंथों के अनुसार, गौतम बुद्ध ने अपनी मृत्यु के बाद पारिनिर्वाण को हीरान्यावती नदी......
कौशाम्बी पर्यटन - बौद्ध अनुयायियों के लिए तीर्थ यात्रा केंद्र
कौशाम्बी, बौद्धों के लिए एक प्रमुख तीर्थस्थल है। उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित कौशाम्बी में हर साल भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते है। ऐसा......
गोरखपुर पर्यटन - दुनिया को भगवद् गीता का पाठ सिखाया
गोरखपुर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 250 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गोरखपुर शहर मौर्य, कुषाण,शुंगा और गुप्ता साम्राज्य का एक खास हिस्सा रहा है। इस शहर का नाम ऋषि गोरखनाथ......