बोट क्लब अपनी आकर्षक प्राकृतिक सुंदरता और रोमांचक बोट राइड के कारण युवाओं और बुजुर्गों के बीच एक लोकप्रिय पर्यटन स्थान है। यह क्लब मुख्य झरनों या एंथरुवी और पझया कुरतल्ला अरुवी या मेला वेन्नामदइकुलम में पाँच झरनों के मार्ग पर स्थित है।
स्नेक पार्क एक लोकप्रिय पर्यटन स्थान है। यह पार्क मुख्य झरने या एंथरुवी के पास स्थित है। इसके पास स्थित एक चिल्ड्रन्स पार्क तथा एक सार्वजनिक मछलीघर भी अन्य आकर्षण हैं। स्नेक पार्क में अनेक प्रकार के साँप रखे गए हैं।
अदियेतुम परइपनरी मादास्वामी कोइल मंदिर कुट्रालम में स्थित है और इसकी देखरेख देवस्थानम मंदिर करता है। यह पूजास्थल भगवान थिरुकुत्रलनाथर मंदिर के उप-मंदिरों में से एक है।
कुट्रालम नौ झरने के लिए प्रसिद्ध है। पेरारुवी जो 60m की ऊंचाई से गिरता है, यहां का मुख्य झरना है. चित्रारुवी या छोटा झरना शेंबगादेवी और थेनारुवी तक बहकर जाता है। शेंबगादेवी यहां आने वालों के लिए प्रमुख आकर्षण है यहां आप शेंबगा के पेड़ों को भी देख...
कलुगुमलई कोविलपट्टी से कुरतल्लम मार्ग पर स्थित एक छोटा सा शहर है। यह शहर अपने तीन प्रमुख मंदिरों- जैन निवास, वेत्तुवन कोइल तथा कलुगलसलामूर्थी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। जैन निवास वास्तुकला और जैनियों के गुफा मंदिर के लिए जानपा जाता है। जिस पहाड़ी पर यह स्थित है उस...
शेनबागदेवी झरना शेनबागदेवी पेड़ों के बीच से बहने वाला एक झरना है जिस कारण इस झरने को यह नाम दिया गया है। यह झरना 40फीट की ऊँचाई से गिरता है और उस सड़क पर स्थित है जो हनी झरने की ओर जाती है।
कुमारन मंदिर एक पंचायत शहर, इल्लांजी में स्थित है। यह मंदिर कुट्रालम से लगभग 1कि.मी. दूर है और आम तथा धान के खेतों से घिरा हुआ है।
शेनबागदेवी अम्मा मंदिर शेनबागदेवी झरने के पास स्थित है। इस मंदिर के पास बहुत सारे शेनबाग के पेड़ लगे हुए हैं। इस पेड़ से फूल देवी को अर्पित किए जाते हैं। शेनबागदेवी अम्मा मंदिर धार्मिक पर्यटकों के लिए पसंदीदा स्थान है।
आवरनप पिललइयार कोइल मंदिर कुट्रालम में स्थित है और इसकी देखरेख का कार्य देवस्थानम मंदिर करता है। यह मंदिर हर साल अनेक पर्यटकों को आकर्षित करता है। इस जगह आने के लिए कुट्रालम के विभिनन भागों से बसें और टैक्सियाँ उपलब्ध रहती हैं।
महादेव गिरि का अत्यधिक धार्मिक महत्व है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि यह चार प्रमुख धार्मिक व्यक्तित्वों शेनबाग देवी, भगवान मुरुगन, दक्षिणमूर्थी तथा संत अगस्थियार का मीटिंग स्थान था। इस मीटिंग को कलियुग का प्रारंभ माना जाता है। यह पवित्र स्थान थेनारुवी या हनी झरने...
कुरत्तला नांगाई कोइल कुट्रालम में स्थित है और इसकी देखरेख देवस्थानम मंदिर करता है। यह मंदिर भगवान थिरुकुत्रलनाथर के उप-मंदिरों में से एक है। इस मंदिर में आने वाले भक्त अन्य मंदिरों जैसे कूथार कोइल, शेनबागदेवी अम्मा मंदिर, थिरुगनासंबंदर कोइल (पिल्लइयार कोइल),...
दक्षिणमूर्थी मंदिर पुलियाराइ में कुट्रालम से 12कि.मी. दूर स्थित है। यह इस इलाके के बड़े मंदिरों में से एक है और हर साल अनेक पर्यटक यहाँ आते हैं।
कुत्रलनाथर मंदिर इस जगह के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है और भगवान शिव को समर्पित है जो थिरुकुत्रलनाथर भगवान के नाम से जाने जाते हैं। इस मंदिर में चोला शासकों और पंडया शासकों के अनेक शिलालेख हैं। यह मंदिर नदियों, पहाड़ों और प्रसिद्ध शिवमथुगई झरने के बीच स्थित...
कासीविशुवनाथर मंदिर थेनकसी में स्थित है। यह कुरतल्लम से 8कि.मी. दूर है। 1455 में यह मंदिर इस इलाके के तात्कालिक शासक परक्कीराम पांडियन ने बनवाया था। किंवदंतियों के अनुसार राजा कासी की यात्रा करना चाहता था लेकिन मुस्लिम शासन होने के कारण शहर में प्रवेश नहीं कर सका।...