राष्ट्रीय रेलवे संग्रहालय दिल्ली के मुख्य आकर्षणों में से एक है। यह भारतीय रेल की विरासत का चित्रण प्रस्तुत करता है। यह संग्रहालय चाणक्यपुरी में स्थित है एवं इसकी स्थापना 1 फरवरी 1977 में हुई थी। इस संग्रहालय में भारतीय रेलवे से सम्बंधित 100 से अधिक वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। इसमें स्थिर एवं चालित मॉडल, सिगनल उपकरण, पुरातन फर्नीचर, ऐतिहासिक चित्र एवं इससे संबंधित साहित्य इत्यादि रखे हैं।
यह संग्रहालय, यहाँ प्रदर्शित रेल के डिब्बों जिसमें वेल्स के राजकुमार का सैलून एवं मैसूर के महाराजा का सैलून शामिल है, के लिए भी जाना जाता है। इस संग्रहालय के अन्य मुख्य आकर्षण हैं फेयरी क्वीन, पटियाला राज्य के मोनोरेल ट्रेनवेज़, अग्निशामक इंजन, क्रेन टैंक, कालका शिमला रेल बस, अग्निरहित वाष्प लोकोमोटिव, बेट्टी ट्रामवे।
फेयरी क्वीन दुनिया की सबसे पुरानी चलने वाली वाष्प चालित लोकोमोटिव है। यह गिनीस बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में भी दर्ज है। खिलौना ट्रेन आप को संग्रहालय के चारों ओर सवारी कराती है। यह भी रेल संग्रहालय का एक आकर्षण है। संग्रहालय सोमवार के अलावा सप्ताह के प्रत्येक दिन सुबह 10 बजे से लेकर सायं 6 बजे तक खुला रहता है।



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