ठाकुर अंकुलचंद्र द्वारा वर्ष 1946 में स्थापित, पवित्र सत्संग आश्रम, देवघर का एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है। भक्त कृषि, शिक्षा, विवाह और इतिहास के चार बुनियादी सिद्धांतों पर आधारित आदर्शों का पालन करते हैं। आश्रम आर्य धर्म का उपदेश करता है। यहां इस परिसर में एक संग्रहालय तथा एक चिड़ियाघर भी है। सत्संग नें आम लोगों के कल्याण के लिए कई धर्मार्थ अस्पतालों और स्कूलों की स्थापना की है। सत्संग सदस्यों के द्वारा प्रकाशन गृहों और एक प्रिंटिंग प्रेस की भी स्थापना की गई है।



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