निचुगार्ड गाँव दीमापुर शहर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आज इस जगह को चुमुकेदिमा के नाम से जाना जाता है और यह अपनी जैव विविधता के लिए जाना जाता है। यदि आप नागालैंड के सच्चे स्वाद का अनुभव करना चाहते हैं, तो आपको इस जगह की यात्रा अवश्य करनी चाहिए।
यह दिफू-खुकी पर्वत श्रृंखलाओं की तलहटी में स्थित है और वर्ष 1866 में एक उप आयुक्त का मुख्यालय बन गया था। ब्रिटिश प्रशासकों का मुख्यायलय कोहिमा स्थानांतरित करने से पहले इस जगह को नागालैंड के पहले स्कूल और अस्पताल होने का गौरव प्राप्त है।
आज आप 19 वीं सदी के नगालैंड की झलक पा सकते हैं और दुर्लभ पौधों और जानवरों की प्रजातियों के घने जंगलों में आ सकते हैं। वहाँ गाँव में छोटे झरने स्थित हैं, जो पर्यटकों के प्रमुख आकर्षणों में से एक हैं। इस गाँव में नागालैंड में सबसे बड़ी जनजातियों अंगामी और खोनोमा जनजातियों का निवास है।



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