तामेंगलांग - पवित्र जंगलों एवं अज्ञात पहाड़ियों की सुरम्य भूमि

तामेंगलांग पहाड़ियों, घाटियों, एवं पर्वतमालाओं से युक्त एक पहाड़ी जिला है। खूबसूरत तामेंगलांग जिला, मणिपुर के नौ जिलों में से एक है। तामेंगलांग सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विभिन्नताओं से परिपूर्ण एक अद्भुत जिला है। दुर्लभ आर्किड, पवित्र जंगलों जानवरों एवं पक्षियों की दुर्लभ प्रजातियों से युक्त तामेंगलांग को हॉर्नबिल की भूमि भी कहा जाता है। तामेंगलांग मणिपुर के पश्चिम में स्थित है। यह जिला पूर्व एवं उत्तर में सेनापति जिले से, दक्षिण में चुराचांदपुर से एवं पश्चिम में असम के कुछ भाग एवं पश्चिम इम्फाल से घिरा हुआ है। 2011 की जनगणना के अनुसार तामेंगलांग, मणिपुर का सबसे कम आबादी वाला जिला है।

पहाड़ियों और पर्वतमालाओं के बीच बसे ये छोटे छोटे गाँव, इन घाटियों की सुंदरता को चार चाँद लगा देते हैं। तामेंगलांग की स्थलाकृति में बलुआ पत्थर, शीस्ट(पररदार चट्टान जिसमें परतें असमान स्तरों में कटी होती हैं) एवं शेल सम्मिलित हैं जो मिटटी को कमजोर बनाती हैं, जिसके परिणामस्वरूप तामेंगलांग में नियमित भूस्खलन होते हैं।

तामेंगलांग में एवं तामेंगलांग के आसपास पर्यटक स्थल

बराक नदी एवं सात जलप्रपात, थारोन गुफा, ज़िलाद झील एवं बुनिंग(एन-पिउलोंग) चारागाह (घास के मैदान) कुछ ऐसे पर्यटक स्थल हैं जो तामेंगलांग पर्यटन को महत्वपूर्ण बनाते हैं।

जैव विविधता हब

तामेंगलांग को जैव विविधता हब भी कहा जा सकता है क्योंकि यहाँ जानवरों एवं पक्षियों की कई विदेशी एवं दुर्लभ प्रजातियाँ पाई जाती हैं। तामेंगलांग जाने वाले पर्यटकों को हॉग हिरण, तीतर, जंगली सूअर, जंगली कुत्ते, हाईना एवं तेंदुओं को देखने का मौका मिल सकता है। इस जिले के जंगलों में चीते भी देखे जा सकते हैं। वनों को तीन प्रकार, उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन, बांस ब्रेक एवं उप-उष्णकटिबंधीय वनों में विभाजित किया जा सकता है।

ज़ेलियनग्रोंग नागा एवं कुकी, तामेंगलांग की मुख्य जनजातियां हैं। यहाँ कई त्योहार मनाये जाते हैं जिनमें से कुछ हैं, ऑरेंज फेस्टिवल, रिह-नगई(चगा नगई), गुदुई नगई, बनरुहमेई एवं तरंग।

तामेंगलांग कैसे पहुंचे

पर्यटक तामेंगलांग तक वायुमार्ग, रेलमार्ग एवं सडक द्वारा पहुँच सकते हैं।

तामेंगलांग भ्रमण हेतु सबसे उत्तम समय

मानसून खत्म होने के बाद का समय, अक्टूबर से मार्च, तामेंगलांग भ्रमण हेतु सबसे उत्तम समय है। इस समय पर्याप्त गर्म कपडे साथ लेने चाहिए। पर्यटक गर्मियों के अंत में भी यहाँ आ सकते हैं परन्तु मानसून में यहाँ आना एक समस्या हो सकती है।

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