छत्तीगढ़ का गंगा मय्या मंदिर झालमाला में स्थित है, जो कि भिलाई से करीब 60 किमी दूर है। इस मंदिर से एक रोचक पौराणिक कथा जुड़ी हुई है। इसके अनुसार एक स्थानीय मछवारे के जाल में एक मूर्ति फंसी थी, पर उन्होंने उसे पानी से बाहर नहीं निकाला।
बाद में उस मछवारे के गांव के ही एक व्यक्ति ने सपने में उसी मूर्ति को देखा। मूर्ति ने उनसे कहा कि वह उसे पानी से बाहर निकाल कर एक झोपड़ी में रख दे।
इसके बाद भीकम चंद तिवारी ने उस मूर्ति को समर्पित एक मंदिर का निर्माण करवाया। मंदिर ट्रस्ट सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ गांव वालों के लिए मेडिकल कैंप का भी लगाता है।



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