लंबे समय से पश्चिम बंगाल के लोग अपनी संस्कृति, परंपरा और पूजा-अर्चना के लिए जाने जाते रहे हैं। संस्कृत कवि जॉयदेब का जन्म यहीं हुआ था। अजय नदी के खूबसूरत किनारे पर हर साल एक वार्षिक मेले का आयोजन किया जाता है। मंदिर के अलावा जयदेव भी घूमने के लिए एक खूबसूतर जगह है। अगर आप शहर की भाग-दौड़ से तंग आ गए हैं तो यहां जरूर जाइए।



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