जोंगू उत्तरी सिक्किम में सिक्किम के मूल निवासी लेपचाओं की भूमि है। यह गंगटोक से लगभग 70 किमी की दूरी पर स्थित है। यह स्थान प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है और अभी तक प्रसिद्ध नहीं है।यह स्थान उत्कृष्ट वनस्पतियों एवं वन्यजीवों से समृद्ध है तथा पर्यटकों को सिक्किम पर्यटन का दिलचस्प अनुभव प्रदान करता है।
जब जोंगू में हों तो यहाँ के लोगों के साथ रहे
जोंगू की खासियत यहां के लोग हैं-लेपचा। समुदाय के लोग एकांत में रहने में विश्वास करते हैं और इस तरह इनकी दुनिया बाहर की दुनिया से काफी अलग हैं। इस प्रकार जोंगू दौरे से इसका सौंदर्य बढ़ जाता है। यहां घर जैसा रहने का सुंदर अनुभव मिलता है। शायद सिक्किम जाने वाला हर यात्री जोंगू जाना पसन्द करेगा तथा होमस्टे का आनंद ले सकेंगे, इसी क्रम में लेपचाओं, अनूठी परंपराओं और संस्कृति की जीवन शैली के बारे में सीखने का अनुभव मिलेगा।इसके अलावा, जब आप लेपचाओं की इस भूमि की यात्रा करें तो पारंपरिक लेप्चा पेय का स्वाद लेना न भूलें।
भूगोल
जोंगू समुद्र तल से लगभग 3000-20,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित है।कंचनजंगा बायोस्फीयर रिजर्व से सटा, यह स्थान माउंट कंचनजंगा के कुछ विशेष दृश्यों की झलक दिखलाता है।
जोंगू में कहाँ जायें?
जोंगू की यात्रा के दौरान इन कुछ जगहों पर घूमना आपकी यात्रा को और खूबसूरत बना देता है।: - सात बहनें झरने जाइये-ये देखने योग्य स्थान है, गांव की यात्रा पर जायें, जोंगू के सुन्दर इलायची क्षेत्र से गुजरने का मजा लें, मुड़ें तथा तीस्ता नदी पर आराम करें, पासिंगडैन में सुंदर बांस के बने पुल के नीचे से यह बहती है। तथा वह विधि सीखना न भूलें कि कितनी खूबसूरती से लेपचा स्थानीय औषधीय पौधों का उपयोग कर लोगों को चंगा करते हैं। ये सभी चीजें आपके सिक्किम दौरे को यादगार अनुभव बनाते हैं।



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