अरूद्र कबलीस्वरार मन्दिर पाँच सो साल पुराना मन्दिर है। इस मन्दिर की कई विशेषतायें हैं। एक अकेले वेदी में एक सौ आठ शिवलिंग तराशे गये हैं। यह तमिलनाडु राज्य के पवित्र शहर इरोड में स्थित है। इस मन्दिर को तमिलनाडु का सबसे पहला मन्दिरों माना जाता है। स्थानीय लोगों द्वारा ऐसा माना जाता है कि इष्टदेव के चेहरे पर सूर्य की किरणें पड़ने के साथ ही यहाँ उत्सव का आयोजन होता है।
इसके अलावा महाशिवरात्रि को भी पूर्ण रूप से मन्दिर परिसर में मनाया जाता है। ऐसा भी कहा जाता है कि जो लोग यहाँ मनोकामना करते हैं, वह अवश्य पूरी होती है। सूर्य की किरणें हमेशा मण्डप के अगले हिस्से में ही पड़ती हैं।
इरोड के लोगों द्वारा इस स्थान को बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि वे मानते हैं कि भगवान कबलीस्वरार के कारण ही शहर में शान्ति और समृद्धि रहती है।



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