अगर आप असम की परंपरा और संस्कृति से रू-ब-रू होना चाहते हैं तो असम स्टेट म्यूजियम जरूर जाइए। यह म्यूजियम गुवाहाटी के बीचों-बीच दिघालीपुखुरी तालाब के दक्षिणी छोर पर स्थित है। यहां पुरातत्व, पुरालेख, मुद्राशास्त्र और आइकॉनोग्राफी से जुड़ी कई रोचक शिल्पकृति मौजूद है।
असम स्टेट म्यूजियम की स्थापना 1940 में कामरूप अनुसंधान समिति द्वारा किया गया था। शुरू में यह समिति निजी हाथों में थी और संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय कंकलाल बरुआ थे। हालांकि 1953 में इसे राज्य सरकार ने अपने अधीन ले लिया।
म्यूजियम में असमिया सिक्के, जनजातीय कला, मूर्ति और परंपरागत फैब्रिक का रोचक संकलन देखा जा सकता है। राज्य में संस्कृति और परंपरा को बढ़ावा देने के लिए असम स्टेट म्यूजियम में हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाता है। यह म्यूजियम मंगलवार से रविवार तक सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है। चूंकि यह म्यूजियम शहर के बीच में स्थित है, इसलिए यहां पहुंचने में कोई परेशानी नहीं होती है।



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