हुबली की यात्रा पर आये पर्यटकों को गायत्री तपोवन भी जाने की सलाह दी जाती है, जोकि अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिये जाना जाता है। पहले इस स्थान को नवकल्याण मठ कहा जाता था लेकिन बाद में इसे तपोवन कर दिया गया। इसे श्री कुमार स्वामीजी ने स्थापित किया था जो कि बहुत प्रसिद्ध वाचक थे और उनके अनुयायी देश के विभिन्न क्षेत्रों से आते थे। उनके विभिन्न समुदायों के अनुयायी एक साथ बैठ कर प्रवचन सुनते थे। कुमार स्वामीजी की मृत्यु के बाद भी उनके शिष्यों ने इस परम्परा को जारी रखा है।



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