जम्मू में एक संत पीर बुदान अली शाह की कब्र को पीर बाबा की दरगाह कहा जाता है। कहा जात है कि इन बाबा ने 500 साल का जीवन जिया था। इतनी लम्बी जिंदगी उन्होने दूध पीकर गुजारी, वह 500 साल तक स्वस्थ थे। गुरूवार को दरगाह पर भीड़ होती है।
जम्मू में एक संत पीर बुदान अली शाह की कब्र को पीर बाबा की दरगाह कहा जाता है। कहा जात है कि इन बाबा ने 500 साल का जीवन जिया था। इतनी लम्बी जिंदगी उन्होने दूध पीकर गुजारी, वह 500 साल तक स्वस्थ थे। गुरूवार को दरगाह पर भीड़ होती है।