श्री तीर्थ या धार्मिक केंद्र में शालिग्राम रखा गया है। शालिग्राम एक कीमती पत्थर है जो आम तौर पर काले रंग का होता है। असली शालिग्राम जीवाश्म पत्थर हैं जो नेपाल की गंडकी नदी और हिमालय के कुछ क्षेत्रों में मिलते हैं। इनका आकार गोलाकार, डिस्कस की तरह होता है।
शालिग्राम पत्थर को बहुत पवित्र माना जाता है इसलिए इसका प्रयोग मूर्तियाँ बनाने के लिए होता है। ये सुदर्शन चक्र की तरह दिखाई देते हैं। सुदर्शन चक्र वह हथियार है जिसका प्रयोग भगवान् कृष्ण या विष्णु राक्षसों को मारने के लिए करते हैं।
इसलिए एक शालिग्राम पत्थर स्वयं भगवान् विष्णु को प्रदर्शित करता है। ऐसा कहा जाता है कि शालिग्राम की पूजा करने से भगवान् विष्णु प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को अच्छे स्वास्थ्य, संपत्ति, बुद्धि एवं खुशी का आशीर्वाद देते हैं। इस पूजा में मूर्ती के ऊपर पानी डाला जाता। इस पानी को एक कटोरे में एकत्र कर उसे पिया जाता है। यह पानी अमृत में बदल जाता है और इसमें दैवीय गुण आ जाते हैं।
श्री तीर्थ जींद जिले की नरवाना तहसील के सिमला गाँव में स्थित है। यह स्थान पूजा के लिए सर्वोच्च माना जाता है। इसके पास ही एक पवित्र तालाब है जिसमें स्नान करने पर भक्तों को असीम शांति और प्रसन्नता प्राप्त होती है।



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