बग्गी खाना या भग्गी खाना कपूरथला शासकों की मोटर कारें रखने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला सवारी रखने वाल एक स्थान था। कपूरथला शलाका भी इस सवारी रखने वाले स्थान में अपने घोड़ों को रस्सी से बाँधते थे। एक गोल पैटर्न में निर्मित, बग्गी खाना अपनी वास्तुकला के लिए...
पंच मंदिर विभिन्न हिंदू देवी देवताओं को समर्पित कर रहे पांच छोटे मंदिरों की एक इमारत है। सरदार फतेह सिंह अहलूवालिया के शासनकाल के दौरान बनाया गया, ये मंदिर शास्त्रीय ऐतिहासिक वास्तुकला का दावा करता है। मुख्य प्रवेश इस तरह से बनाया गया है कि इसके द्वार से श्रद्धालू...
गुरुद्वारा बेर साहिब सिखों के लिए एक लोकप्रिय धार्मिक स्थल है, जो सुल्तानपुर लोधी में स्थित है। ऐसा माना जात है, कि पहले सिख गुरु - गुरुनानक देव जी ने - यहाँ अपने जीवन के 14 साल बिताए थे। जब वे बेन नामक छोटी नदी में स्नान कर रहे थे, तब उन्होंने इस जगह पर ज्ञान भी...
जुबली हॉल 1916 में महाराजा जगजीत सिंह के शासन की रजत जयंती के अवसर पर बनवाया गया था। महाराजा जगजीत सिंह का पहले का दरबार हॉल वर्तमान में नवाब जस्सा सिंह अहलूवालिया गवर्नमेंट कॉलेज है। अपनी सुंदर और अलंकृत संरचना के कारण यह कपूरथला का एक पसंदीदा पर्यटन आकर्षण है।...
मीर नासिर अहमद की मजार महान गायक मियां तानसेन के वंशज मीर नासिर अहमद को समर्पित है। मीर नासिर अहमद ने पंजाब में तानसेन की सेनिया-बीनकार प्रथा को लाकर कपूरथला घराने की शुरुआत की थी। यह कब्र सभी शास्त्रीय संगीतकारों और गायकों के लिए एक तीर्थ के रूप में मानी जाती है।...
जगतीत पैलेस सैनिक स्कूल के रूप में लोकप्रिय रूप से जाना जाता है, जिसका निर्माण कपूरथला के राजा एचआरएच महाराजा जगजीत सिंह ने 1900 और 1908 के बीच करवाया था। इसकी डिजाइन फ्रांसीसी वास्तुकार एम. मार्सेल ने बनायी थी और इसका निर्माण अल्लाह डिट्टा द्वारा कराया गया था, यह...
शहर के दिल में स्थित दरबार हॉल, भारत और अरबी वास्तुकला के गौरव की एक शानदार संरचना है। इसमें उपायुक्त कार्यालय के साथ साथ जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत है। इस इमारत में हर हॉल कपूरथला के राज्य के शासकों की कलात्मक मेधा को दर्शाता है। पत्थर पर जाली का काम पूरी...
1923 में निर्मित युद्ध स्मारक, लोकप्रियता से कैप्टन झग्गर सिंह युद्ध स्मारक के रूप में जानी जाती है। कपूरथला के एक सैनिक की कांस्य प्रतिमा युक्त और लाल बलुआ पत्थर का उपयोग करके बनाई गई यह इमारत, समुचित रूप से भारत अरबी शैली की वास्तुकला का प्रतिनिधित्व करती है।...
राजकीय गुरुद्वारा सुल्तानपुर रोड पर शहर के मध्य में स्थित है। 1915 में भारत और अरबी शैली को दर्शाने वाला गुरुद्वारा, लाल बलुआ पत्थर का उपयोग करके बनवाया गया था। हाल ही में गुरुद्वारे की इमारत को सफैद रंग से पेंट किया गया। इस धार्मिक स्थल की संरचनात्मक भव्यता और...
मूरिश मस्जिद शहर के केंद्र में स्थित है, जो तत्कालीन शासकों की व्यापक और सहिष्णु सोच को दर्शाती है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने मूरिश मस्जिद को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में चिन्हित किया है। इसकी डिजाइन फ्रांसीसी वास्तुकार एम. मैनटीक्स द्वारा...
वर्तमान में एक स्कूल होने वाला एलिसी पैलेस कपूरथला में एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है। 1862 में कंवर बिक्रम सिंह द्वारा निर्मित, यह महल फ्रांस गणराज्य के राष्ट्रपति के औपचारिक निवास के साथ अपने नाम का सझा करता है। यह प्रभावशाली भवन फ्रेंच वास्तुकला और शैली को दर्शाता...
ग्रीको रोमन शैली में बनाया गया जगजीत क्लब, शहर के मध्य में स्थित है। इस भवन में कपूरथला के शाही परिवार से जुड़े भव्यता के प्रतीक, एक्रोपोलिस सदृश के विभिन्न कॉलम हैं। क्लब आने वाले पर्यटक हथियारों के बक्से देख सकते हैं, जो शाही परिवार का लक्ष्य हुआ...
शाही समाधान (शाही स्मारक) प्रसिद्ध शालीमार गार्डन का हिस्सा है। एक जलाश से घिरे हुए, पार्क और पुस्तकालय, इस जगह पर कपूरथला के पूर्व शासकों के मकबरे हैं। एक संगमरमर के चबूतरे पर एक विशाल संरचना के साथ खड़क सिंह, जगजीत सिंह और परमजीत सिंह की समाधियां बनी हुई...
क्लॉक टॉवर के रूप में भी जाना जाने वाला घन्टा घर का निर्माण, एक सदी से भी पहले वर्ष 1901 में किया गया था। आश्चर्यजनक रूप से, इस टॉवर ने महाराजा जगजीत सिंह के निधन के बाद, 1949 में कार्य करना बंद कर दिया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण इस लाल पत्थर वाले क्लॉक टॉवर के...
कपूरथला से 5 किमी दूर स्थित कांजली वेटलैंड काली बेन नदी पर बना एक लोकप्रिय पिकनिक स्थल है। अपनी समृद्ध वनस्पति और जीव के लिए जानी जाने वाली, यह जगह 40-50 किस्म के प्रवासी पक्षियों को आश्रय प्रदान करता है। वन्यजीव फोटोग्राफर और संरक्षणवादियों का यह स्वर्ग नौकायन और...