जो पर्यटक वन्यजीवन में गहरी रूचि रखते है वह अंशी नेशनल पार्क में सैर के लिए अवश्य आएं। यह पार्क, कारवार से 60 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह पार्क कुल 340 वर्ग किमी. के क्षेत्र में बना हुआ है और समुद्र स्तर से कुल 200 मीटर से 925 मीटर की ऊंचाई पर...
यह तट कर्नाटक का सबसे प्रसिद्ध तट है जो अरब सागर और पश्चिमी घाटों से घिरा हुआ है। यह एक पिकनिक स्पॉट भी है जो प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर और शांत है। पर्यटक यहां आकर सन बाथ, स्वीमिंग, फिशिंग, और वॉटर स्पोर्ट का लुत्फ भी उठा सकते है।
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सदाशिवगढ हिल फोर्ट एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है जो कारवार शहर से 5 किमी. की दूरी पर स्थित है। इस संरचना को 200 फीट की ऊंचाई पर काली नदी के तट पर बनाया गया है। इसका निर्माण, 1698 में राजा सोंदे के द्वारा करवाया गया था। 1715 में, बसावलिंगराज ने इसे सदाशिवगढ़ नाम...
श्री क्षेत्र गुरूमठ, एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है जिसे 1906 में स्थापित किया गया था। इस धार्मिक केंद्र को श्रीमठ परमहंस पदृमाभीर्थ के द्वारा सह्याद्री पहाडि़यों में स्थापित किया गया था। इस स्थान पर आकर पर्यटक, अरब सागर और काली नदी को...
जब भी कारवार की सैर पर आएं तो नागनाथ मंदिर में दर्शन अवश्य करें। इस स्थल को प्राचीन इमारत और पुरातत्व साइट होने के कारण एक्ट 1958 के तहत इसका संरक्षण किया गया है। इस स्थल की देखभाल वर्तमाल समय में भारतीय पुरातत्व विभाग करता है।
जब भी कारवार की सैर पर जाएं, गुद्दाली चोटी की सैर अवश्य करें। यह पर्वत चोटी, समुद्र स्तर से 1800 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और बेलीकेरी नदी से पश्चिम की ओर और काली नदी से पूर्व की ओर घिरी हुई है। पर्यटक इस स्थान की सैर साल के किसी भी मौसम में कर सकते...
पर्यटकों को कारवार की यात्रा के दौरान मारूति मंदिर की सैर पर अवश्य आना चाहिए, अगर उनके पास समय की कमी न हो। यह मंदिर, कारवार से 8 किमी. की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित है। यहां हर साल रंगोली त्यौहार मनाया जाता है...
कारवार की सैर के दौरान, सभी पर्यटकों को श्री अय्यप्पा मंदिर में दर्शन हेतु अवश्य जाना चाहिए। इस क्षेत्र में कई मंदिर स्थित है।
पर्यटकों को कारवार की यात्रा के दौरान, नरसिम्हा मंदिर की सलाह दी जाती है। यह मंदिर, कुरूमगढ द्वीप के पास और कारवार शहर से 6 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर, भगवान नरसिम्हा को समर्पित है जिन्हे भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है।...
शिजेश्वर मंदिर को सिद्धेश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है जो कारवार शहर से कुल 4 किमी. की दूरी पर स्थित है। स्थानीय विश्वास के अनुसार, इस धार्मिक स्थल को उन पांच मंदिरों में से एक माना जाता है जिनका उल्लेख गोकर्ण पौराणिक कथाओं में...
कोट सिवेश्वर, कारवार शहर के पास में ही स्थित है। यह पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। इस किले का निर्माण, बीजापुर सल्तननत के द्वारा करवाया गया था, जो एक छोटे से गांव में बनवाया गया था। कोट सिवेश्वर को एक सेफगार्ड के रूप में बनवाया गया...
काली बांध को 1986 में बनवाया गया था। इस बांध को राष्ट्रीय राजमार्ग 17 पर कारवार शहर के बाहर बनवाया गया था। यह बांध, कर्नाटक को गोआ से जोड़ता है और शहर का ढांचागत गौरव माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि कारवार की यात्रा पर जाने के दौरान इस बांध से होकर गुजरने...
खूबसूरत तटों पर सैर के अलावा, पर्यटक, कारवार तट के पास में ही स्थित शिरवे तट की सैर भी कर सकते है।
कोदी बाग तट, बिनगा तट और माजाली तट यहां के कुछ प्रमुख तटों में से एक है जिन्हे कारवार में आने वाला हर पर्यटक देख सकता है। कोदी बाग तट, अरब सागर और काली नदी के जंक्शन पर स्थित है। यहां आकर पर्यटक, पानी में की जाने वाली गतिविधियों में भी हिस्सा ले...
अगर पर्यटकों के पास कारवार की सैर के बाद समय बचता है तो वह ओएस्टर रॉक लाइट हाउस का भ्रमण अवश्य करें। यह हाउस, घने जंगलों के बीच में स्थित है। इस लाइट हाउस को देवाड़ गुड्डा द्वीप ( ओएस्टर चट्टान ) के ऊपर, अंग्रेजों के शासनकाल में 1860 में बनाया गया...