Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल » काजीरंगा » आकर्षण
  • 01कल्‍याणी मंदिर

    कल्‍याणी मंदिर

    कल्‍याणी मंदिर, गोलाघाट जिले में दिपोरा पर स्थित है। दिपोरा, हालेम राजस्‍व सर्किल के अंर्तगत आता है। यह मंदिर देवी कल्‍याणी को समर्पित है। ऐसा माना जाता है कि राजा अरीमट्टा ने इस मंदिर को देवी कल्‍याणी की आराधना करने के लिए बनवाया था, देवी...

    + अधिक पढ़ें
  • 02बापूचंग

    बापूचंग

    बापूचंग एक बौद्ध मंदिर है जो खेमती गांव में स्थित है। यह असम के लखीमपुर जिले में स्थित है। बापूचंग, काजीरंगा नेशनल पार्क से 34 किमी. की दूरी पर स्थित है।

    यह मंदिर भी पूरी दुनिया में पाएं जाने वाले अन्‍य बुद्ध मंदिरों के समान है। यही कारण है कि मंदिर के...

    + अधिक पढ़ें
  • 03माधवदेव थान

    माधवदेव थान

    माधवदेव थान, श्री श्री माधवदेव का जन्‍मस्‍थल है जो श्री मंता शंकरदेवा के सबसे प्रबल शिष्‍यों में से एक है। माधवदेव थान को लेटेकू पुखुरी के नाम से भी जाना जाता है क्‍योंकि यह बोरबाली गांव के नजदीक ही स्थित है। लेटेकु पुखुरी, असम के लखीमपुर जिले में...

    + अधिक पढ़ें
  • 04काकोचांग झरना

    काकोचांग झरना

    काकोचांग झरना गोलाघाट जिला, असम में बोकाखाट से 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह प्रकृति के स्वर्ग में स्थित एक सुंदर झरना है। झरना जिले के कॉफी और रबर के बागानों के बीच में से व्यापक रूप से नीचे आते हुए दृश्य को असाधारण रूप से सुंदर बनाता है। काकोचांग झरना एक...

    + अधिक पढ़ें
  • 05काजीरंगा राष्‍ट्रीय उद्यान

    काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान असम के गर्व में से एक है। यह उल्लेख करना जरूरी है कि यह लुप्तप्राय भारतीय एक सींग वाले गैंडे का घर है और दुनिया में बाघों की सबसे अधिक घनत्व को समयोजित करते हुए, 2006 में इसे बाघ अभयारण्य के रूप में भी घोषित किया गया। राष्ट्रीय उद्यान एक...

    + अधिक पढ़ें
  • 06मगहनोआ दाउल

    मगहनोआ दाउल

    मगहनोआ दाउल, मगहनोआ बील के तट पर पिछोला नदी के पूर्व में स्थित है। इसे फुलवारी दाउल के नाम से भी जाना जाता है। मगहनोआ दाउल का ब्‍यौरा इतिहास में देखने को मिलता है और काजीरंगा के नजदीक स्थित होने के कारण यह लोकप्रिय स्‍थल है।

    ऐसा माना जाता है कि...

    + अधिक पढ़ें
  • 07चाय बागान

    चाय बागान

    चाय बागान असम के गौरव हैं। असम चाय के स्वाद और रंग के लिए प्रसिद्ध है। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा के समय, पर्यटकों को पास स्थित कुछ चाय बागानों का दौरा करना चाहिए। पहाड़ियों पर नीचे आती हुई लहरदार हरी भरी छोटी झाड़ियों का दृश्य हर किसी को जीवन में एक बार...

    + अधिक पढ़ें
  • 08राधा पुखुरी

    राधा पुखुरी

    नारायणपुर में कई दिलचस्‍प आकर्षण है जहां पर्यटक, काजीरंगा राष्‍ट्रीय उद्यान में भ्रमण करने के दौरान आ सकते है। इनमें से एक राधा पुखुरी है जो साकुची गांव में स्थित है। इस टैंक को वर्तमान समय में असम सरकार के मत्‍स्‍य विभाग द्वारा मुक्‍त प्रजनन...

    + अधिक पढ़ें
  • 09देव पर्वत खंडहर

    देव पर्वत खंडहर

    देव पर्वत खंडहर गोलाघाट जिले में नुमालीगढ़ से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के करीब है। इसके अलावा देव पहाड़ (दो पहाड़ियों) के रूप में जाना जाने वाला, देव पर्वत खंडहर पहाड़ी की चोटी पर पुरातात्विक खंडहर के लिए प्रसिद्ध है। पहाड़ियों...

    + अधिक पढ़ें
  • 10पेटुआ - गोसानी थान

    पेटुआ - गोसानी थान

    पेटुआ - गोसानी थान, इस क्षेत्र का सबसे पुराना मंदिर है। स्‍थानीय लोग यहां काली देवी की पूजा करते है और यह मंदिर यहां स्थित सभी धार्मिक स्‍थलों में सबसे प्राचीन है जहां देवी की पूजा होती है। यहां के स्‍थानीय लोग केसाईखैती के रूप में मां काली की पूजा...

    + अधिक पढ़ें
  • 11भटोउकुची थान

    भटोउकुची थान

    भटोउकुची थान असम के लखीमपुर जिले में धौलपुर, नारायणपुर के पास कथानी गांव में स्थित एक छोटा सा मंदिर है। ऐसा माना जाता है कि यह मंदिर केशबसरन भटोउकुचिया अटा द्वारा बनवाया गया था और इस प्रकार इसका नाम भटोउकुची थान है। कहतगुरुचरित (प्राचीन पाठ) के अनुसार वे 1605 में...

    + अधिक पढ़ें
  • 12देवताला

    देवताला

    देवताला वह जगह है जहां मगहनाओ दाउल की बरामद मूर्ति को स्‍थापित किया गया है। मान आक्रमण के दौरान, प्राचीन मगहनाओ दाउल की मूर्ति को नष्‍ट होने से बचाने के लिए छुपा दिया गया था। बाद में यह छुपी हुई मूर्ति खेराजखाट में गावोरू बील से बरामद हुई थी।

    पहले,...

    + अधिक पढ़ें
  • 13गोहपुर

    गोहपुर

    गोहपुर, असम के सोनितपुर जिले में स्थित एक शहर है। गोहपुर एक छोटा शहर है लेकिन ऐतिहासिक दृष्टि से काफी समृद्ध है। प्रसिद्ध स्‍वतंत्रता सेनानी कनकलता बरूआ का जन्‍म भी यहीं हुआ था और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान राष्‍ट्रीय ध्‍वज को ले जाने के...

    + अधिक पढ़ें
  • 14अकाडोहिया पुखुरी

    अकाडोहिया पुखुरी

    यह बड़ा टैंक (जिसे असमिया भाषा में पुखरी कहते हैं) धौलपुर के पास कचुवा गांव में स्थित है। बताया जाता है कि इसका नाम धार्मिक ब्राह्मण गुरु अकादोशी के नाम से पड़ा, जो टैंक के पास रहते थे। यह मान्‍यता है कि गुरु को दिव्य शक्ति प्राप्‍त थी, जिस वजह से वो इस...

    + अधिक पढ़ें
  • 15पनबारी संरक्षित वन

    पनबारी संरक्षित वन

    पनबारी संरक्षित वन काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पास स्थित है और गोलाघाट जिले के अन्दर आता है। पनबारी रिजर्व फॉरेस्ट में, क्रेस्टेड गोशॉक, ग्रेट इंडियन हॉर्नबिल आदि जैसे कई आकर्षक पक्षी हैं। जंगल के अन्दर कई अज्ञात क्षेत्र हैं और पर्यटक इन क्षेत्रों तक पहुँचने के...

    + अधिक पढ़ें
One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
30 Mar,Mon
Return On
31 Mar,Tue
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
30 Mar,Mon
Check Out
31 Mar,Tue
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
30 Mar,Mon
Return On
31 Mar,Tue