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होम » स्थल » खंडवा » आकर्षण
  • 01असीरगढ किला

    असीरगढ किला

    असीरगढ किला या असीगढ किले को अहीर राजवंश के राजा आसा अहीर ने बनाया था। पहले इस किले को आसा अहीर गढ कहा जाता था, लेकिन समय के साथ इस किला का नाम छोटा कर दिया गया, और आज अपने मौजूदा नाम से जाना जाता है। स्थानीय किंवदंतियों अनुसार, यह माना जाता है कि इस किले को बल से...

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  • 03इंदिरा सागर बांध

    इंदिरा सागर बांध

    इंदिरा सागर बांध एशिया की सबसे प्रतिष्ठित जल विद्युत परियोजना है। इस बहुउद्देशीय बांध को नर्मदा नदी के ऊपर बनाया गया है, जो खंडवा के नर्मदानगर में बहती है।

    इस बांध की नींव का पत्थर 23 अक्टू्बर 1984 को पूव प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी ने रखा था। इस बांध...

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  • 04जिला कलेक्ट्रेट भवन

    जिला कलेक्ट्रेट भवन

    जिला कलेक्ट्रेट भवन, खंडवा के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। यह इमारत खंडवा की पूर्वी दिशा में स्थित है। जिला कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण 1919 में किया गया, और आज भी इस इमारत ने अपनी महिमा और आकर्षण को बरकरार रखा है।

    जिला कलेक्ट्रेट भवन को 15000 वर्ग मीटर...

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  • 05गौरी कुंज

    गौरी कुंज

    गौरी कुंज, लोकप्रिय प्लेबैक गायक किशोर कुमार गांगुली के सम्मान में बनाई गई एक स्मारक है। यह स्थान इस महान गायक का जन्म स्थान है जिसके कारण किशोर कुमार गंगोपाध्याय और खंडवा के बीच एक खास रिश्ता है।

    इस इमारत की नींव का पत्थर स्वर्गीय गायक के बडे भाई, अभिनेता...

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  • 06भवानी माता मंदिर

    भवानी माता मंदिर

    भवानी माता मंदिर, खंडवा शहर के दक्षिण-पश्चिमी दिशा में स्थित है और यह दादा दरबार के काफी करीब है। यह मंदिर माँ तुलजा भवानी को समर्पित है, जो हिंदू देवी पार्वती का एक अवतार है। अतः यह मंदिर तुलजा भवानी माता मंदिर के नाम से जाना जाता है।

    इस मंदिर को बहुत...

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  • 07दादाजी दरबार

    दादाजी दरबार

    दादाजी दरबार, खंडवा के दक्षिणि पश्चिमी दिशा में स्थित है। इसे बहुत पवित्र और प्रार्थना का स्थान माना जाता है। यह महान संत स्वामी केशवानांदजी महाराज और स्वामी हरीहरानांदजी महाराज की पावन समाधि-स्तंभ है। जिन्हें क्रमानुसार “बडे दादाजी” और “छोटे...

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  • 08घंटाघर

    घंटाघर

    खंडवा शहर का घंटाघर एक प्रमुख भूमि-चिह्न है। इस घंटाघर को मुल्तान का क्लॉक टॉवर भी कहा जाता है। इसका निर्माण 1884 में अग्रेंजों ने भारत में अपने शासनकाल दौरान किया। 1883 के नगरपालिका अधिनियम अनुसार, इस इमारत का मुख्य उद्देश्य एक कार्यालय के रुप में काम करना था।...

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