नानकमत्ता एक ऐतिहासिक शहर है, जो देवहा जल धारा के किनारे बसा हुआ है। यह सिखों के महत्वपूर्ण तीर्थ स्थानों में से एक है। यहां एक गुरुद्वारा भी है जिसका नाम गुरुद्वारा नानक माता साहिब है। ऐसी मान्यता है कि सिखों के पहले गुरु गुरु नानक देव ने सन् 1515 में कैलाश पर्वत की यात्रा के दौरान नानकमत्ता का भी भ्रमण किया था। गुरुद्वारे का निर्माण सरयू नदी पर किया गया है और नानक सागर डेम पास में ही स्थित है। पर्यटक यहां पिकनिक मनाते हैं और फिशिंग व बोटिंग का भी आनंद लेते हैं। पर्यटकों के लिए गुरुद्वारे के रेस्ट हॉउस में रहने की भी व्यवस्था है।



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