श्री वाधानेश्वर मंदिर, कावेरी नदी के तट पर स्थित है जिसे वल्लार कोईल के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है जो इससे जुड़े है। एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार जब भगवान शिव गायब हो गए तो नंदी देवा को गर्व महसूस हुआ कि वह भगवान शिव से जुड़े है औश्र इसके बाद भगवान ने नंदी को सबक सिखाने के बारे में सोचा और उसके एक बाल पर भारी सा ताला लगा दिया और उसकी पीठ पर रख दिया।
इसका वजन वह नहीं सहन कर पा रहा था। इस मंदिर में श्री दक्षिणामूर्ति के मुद्रा वाली मूर्ति ही रखी हुई है। मूर्ति के दाएं हाथ गौण मुद्रा है और बाएं हाथ में पुस्तक है। इसक अलावा, इतिहास में भी इस मंदिर का उल्लेख मिलता है। यहां काफी पर्यटक आते है और दर्शन करते है।
इस मंदिर में देवी गणाम्बिका की पूजा भी की जाती है। इस मंदिर से कावेरी नदी का दृश्य बेहद सुहाना दिखता है।



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