Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल » मिर्ज़ापुर » आकर्षण
  • 01लोहंदी मेला

    लोहंदी मेला

    लोहंदी मेले का आयोजन उस समय किया जाता है जब भक्त शहर के दक्षिण में स्थित दो किमी दूर पुराने हनुमान मंदिर में आते हैं। इस समय मंदिर को दीयों एवं लाईट द्वारा सुंदरता से सजाया जाता है। इस मेले का आयोजन कार्तिक पूर्णिमा के दौरान एवं श्रावण महीने (वर्षा ऋतु का हिंदू...

    + अधिक पढ़ें
  • 02मेजा बाँध

    मेजा बाँध

    मिर्ज़ापुर में मेजा बाँध अपने समृद्ध वन्यजीवन के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थान पक्षी-प्रेमियों के मध्य भी काफी लोकप्रिय है जो यहाँ बड़ी संख्या में स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों का अध्ययन करने के लिए आते हैं। मिर्ज़ापुर से 50 किमी दूर स्थित यह...

    + अधिक पढ़ें
  • 03काल भैरव मंदिर

    काल भैरव मंदिर

    काल भैरव मंदिर एक प्राचीन मंदिर है जो विंध्याचल शहर के दक्षिण पश्चिम में स्थित है। यह मंदिर श्री काल भैरव को समर्पित है जिन्हें क्षेत्रपाल या मंदिर का पालक भी कहा जाता है। धार्मिक त्योहार के दौरान भक्तों की भारी भीड़ यहाँ आती है। मंदिर के पास स्थित भैरव कुंड या...

    + अधिक पढ़ें
  • 04सिरसी बाँध

    सिरसी बाँध

    सिरसी जलप्रपात पर बनाया गया सिरसी बाँध मिर्ज़ापुर से लगभग 45 किमी दूर है। यह बाँध पानी संग्रहन की सुविधा के लिए बनाया गया है और यह टांडा फाल्स के पास स्थित है। यह स्थान बहुत सुंदर है क्योंकि पानी काफ़ी उंचाई से गिरता है। यहाँ का प्राकृतिक परिवेश एवं हरापन आपको एक...

    + अधिक पढ़ें
  • 05कंतित मेला

    कंतित मेला

    कंतित में यहाँ आयोजित किये जाने वाले कई मेलों में से एक है जिसे स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों द्वारा मनाया जाता है। यह मेला सार्वभौमिक भाईचारे का प्रतीक है। प्रत्येक क्षेत्र से लोग यहाँ खुशी एवं आनंद मनाने के लिए आते हैं।

    + अधिक पढ़ें
  • 06नर घाट

    नर घाट

    नरघाट, मिर्ज़ापुर शहर के किनारे स्थित है। इतिहास में ऐसा दर्ज है कि नरेन नाम का एक तालाब इस स्थान पर मौजूद था पर बाद में यह नदी में मिल गया।  इसके बाद नरघाट मालवाहक नौकाओं के लिए एक घाट के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा, जिन पर माल लाद कर पास के शहरों में...

    + अधिक पढ़ें
  • 07ओझाला मेला

    ओझाला मेला

    ओझाला मेला, मिर्ज़ापुर में आयोजित किया जाने वाला एक प्रसिद्ध मेला है। इस मेले का नाम पास ही बहने वाली ओझाला नदी के नाम पर पड़ा है। ओझाला इस नदी का वर्तमान नाम है, जिसका पुराना नाम उज्जवला है। यह मेला प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है एवं इस दौरान कई पर्यटक एवं स्थानीय...

    + अधिक पढ़ें
  • 08टांडा फाल्स

    टांडा फाल्स

    मिर्ज़ापुर में टांडा फाल्स इस क्षेत्र के अत्यंत रम्य पिकनिक स्थलों में से एक है। शांतिपूर्ण वातावरण एवं प्रचुर सुंदरता के कारण ये प्राकृतिक धाराएं एवं जलाशय मुख्य पर्यटक आकर्षण हैं। इस जलप्रपात ताज आसानी से पहुंचा जा सकता है और ये मिर्ज़ापुर शहर से लगभग 14 किमी...

    + अधिक पढ़ें
  • 09सिद्धनाथ की दरी

    सिद्धनाथ की दरी

    इस प्राकृतिक जलप्रपात का नाम सिद्धनाथ बाबा के नाम पर पड़ा जो यहाँ साधना किया करते थे। यह स्थल स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसके अलावा लोग पुराने शैल चित्रों एवं नक्काशियों का अध्ययन करने के लिए भी यहाँ आते हैं। यह प्राचीन शिला स्थल एवं झरना...

    + अधिक पढ़ें
  • 10झूलनोत्सव

    झूलनोत्सव

    झूलनोत्सव या झूला त्योहार हिंदू भगवानों को समर्पित है एवं इस क्षेत्र के तीन मुख्य मंदिर श्री द्वारकाधीश मंदिर, गंगा जमुना सरस्वती मंदिर, एवं कुंज भवन में मनाया जाता है। इस समय इन तीन मंदिरों में कई भक्त आते हैं। यह आम तौर पर गर्मियों के महीने में आयोजित किया जाता...

    + अधिक पढ़ें
  • 11कजरी महोत्सव

    कजरी महोत्सव

    कजरी महोत्सव मिर्ज़ापुर का एक बहुत प्रसिद्ध त्योहार है। यह त्योहार राजा कंतित की पुत्री कजली को श्रद्धांजली प्रदान करता है। कजली अपने पति की याद में गाने गया करती थी जिनसे वह अपने जीवन में कभी नहीं मिल पाई। हालांकि इस त्योहार को आजकल आधुनिक रूप प्राप्त हो गया है,...

    + अधिक पढ़ें
  • 12पक्का घाट

    पक्का घाट

    पक्का घाट बलुआ पत्थर पर सुंदर नक्काशी के साथ एक अद्भुत संरचना है। ये घाट बहुत सुंदर हैं और यहाँ स्थित मंदिर इस क्षेत्र को एक रहस्यमय गुणवत्ता प्रदान करते हैं। इस विस्तृत संरचना में चौड़ी सीढीयाँ हैं जो नीचे जलमार्ग तक जाती हैं। इस स्थान पर बहुधा साधू एवं पुजारी...

    + अधिक पढ़ें
  • 13चुनर किला

    चुनर किला

    चुनर किला एक प्राचीन एवं प्रसिद्ध किला है जो चुनर में स्थित है। इस किले का निर्माण सोलहवीं शताब्दी में उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने अपने भाई राजा भरथरी के लिए करवाया था। मिथक यह बताते हैं कि राजा भरथरी ने इस किले में महासमाधि ली थी।

    इसके बाद मुगलकाल के...

    + अधिक पढ़ें
One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
11 Jul,Sat
Return On
12 Jul,Sun
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
11 Jul,Sat
Check Out
12 Jul,Sun
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
11 Jul,Sat
Return On
12 Jul,Sun