सोनभद्र पर्यटन - सोनभद्र पर्यटन में प्राचीन स्मारक
सोनभद्र, उत्तर प्रदेश राज्य में दूसरा सबसे बड़ा जिला है। यह जिला, विंध्य पर्वत के दक्षिण - पूर्वी सीमा में स्थित है और यहां पूर्व से पश्चिम की ओर सोन नदी बहती है।......
प्रतापगढ़ - पर्यटन में आस्था की संसृति
उत्तर प्रदेश में एक ज़िला है प्रतापगढ़ और इसका नाम अपने मुख्यालय बेला प्रतापगढ़ पर पड़ा है। इतिहास गवाह है कि अजीत प्रताप सिंह नाम के एक राजा ने अरोर के पास रामपुर में अपना......
बस्ती पर्यटन - बांस के जंगलों और आम के पेड़ों के बीच बस्ती की सैर
बस्ती, उत्तरप्रदेश के बस्ती जिले में स्थित एक शहर है। इस शहर पर प्राचीन काल में कई वंशों ने शासन किया और क्षेत्र की सास्ंकृतिक विरासत पर अमिट छाप छोड़ी है।......
कौशाम्बी पर्यटन - बौद्ध अनुयायियों के लिए तीर्थ यात्रा केंद्र
कौशाम्बी, बौद्धों के लिए एक प्रमुख तीर्थस्थल है। उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित कौशाम्बी में हर साल भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते है। ऐसा......
अयोध्या पर्यटन - भगवान श्रीराम के अंश
सरयू नदी के तट पर स्थित अयोध्या एक लोकप्रिय तीर्थस्थल है। यह हिंदुओं का लोकप्रिय धार्मिक स्थान है। यह शहर, भगवान राम से जुड़ा हुआ है जिनके बारे में मान्यता......
फैजाबाद पर्यटन - पौराणिक भूमि की यात्रा
उत्तरप्रदेश में स्थित फैजाबाद, गंगा नदी की एक छोटी सहायक नदी घाघरा के किनारे पर बसा है। मध्यम आकार के इस कस्बे को सन् 1730 में बंगाल के नवाब, अली वर्दी खान द्वारा स्थापित किया......
रायबरेली पर्यटन – गाँधी परिवार की राजनैतिक गद्दी
उत्तरप्रदेश में रायबरेली जिले का नाम इसके मुख्यालय कस्बे के नाम पर रखा गया है। अंग्रेजों द्वारा इस जिले को सन् 1858 में बनाया गया था। जिले में कई आकर्षण हैं जिनमें समसपुर पक्षी......
इलाहाबाद पर्यटन: संगम का पवित्र स्थल
उत्तरप्रदेश का सबसे बड़ा शहर इलाहाबाद कई मामलों में बेहद महत्वपूर्ण शहर है। यह न सिर्फ हिन्दुओं का महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है, बल्कि आज के भारत को बनाने में भी इसकी अहम भूमिका रही......
चंदौली पर्यटन - खंडहर बताते हैं इस शहर की दास्तां
चंदौली जिला उत्तर प्रदेश में वाराणसी से लगभग 50 किमी की दूरी पर स्थित है। इसका नाम बारहौलिया राजपूत चन्द्र शाह के नाम पर पड़ा, जिनका ताल्लुक नरोत्तम राय के परिवार से है......
जौनपुर - यहां है ऐतिहासिक स्थलों की भरमार
जौनपुर उत्तरप्रदेश के जौनपुर जिले में पड़ता है। इसे फिरोज शाह तुगलक ने बसाया था और इसका इतिहास 1359 से मिलता है। तब इसे शीराज-ए-हिंद के नाम से जाना जाता था। अगर अभी की बात की......
वाराणसी पर्यटन - धार्मिक रंग में डूबा वाराणसी पर्यटन
वाराणसी को बनारस और काशी के नाम से भी जाना जाता है। यह शहर, दुनिया में सबसे प्राचीन और निरंतर आगे बढ़ने वाला शहर है। इस शहर को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है। भगवान शिव, हिंदुओं......
गोरखपुर पर्यटन - दुनिया को भगवद् गीता का पाठ सिखाया
गोरखपुर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 250 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गोरखपुर शहर मौर्य, कुषाण,शुंगा और गुप्ता साम्राज्य का एक खास हिस्सा रहा है। इस शहर का नाम ऋषि गोरखनाथ......