नरघाट, मिर्ज़ापुर शहर के किनारे स्थित है। इतिहास में ऐसा दर्ज है कि नरेन नाम का एक तालाब इस स्थान पर मौजूद था पर बाद में यह नदी में मिल गया। इसके बाद नरघाट मालवाहक नौकाओं के लिए एक घाट के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा, जिन पर माल लाद कर पास के शहरों में भेजा जाता था। कई वर्षों पहले तक इसे व्यापार के लिए प्रयोग में लाया जाता था। आज भी यहाँ पत्थर के पुराने स्तंभों पर अंग्रेज़ी, फ़ारसी, हिंदी में शिलालेख एवं कीमतें लिखी हुई देखी जा सकती हैं।



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