अर्कावती नदी द्वारा निर्मित चंची झरना जो कुछ देर बाद कावेरी नदी में मिलता है, एक ऐसा स्थल है जिसे मुठाठी आने वाले यात्रियों को अवष्य देखना चाहिए। यह झरना अत्यधिक हरे व घने वनों से घिरा होने के कारण इस जगह को आकर्षक बनाता है।कुछ समय केवल प्रकृति में बिताने के...
थोड़ा सा जोखिम उठाने के इच्छुक यात्रियों को हरिगोल की सवारी करनी चाहिए। बाँस व ईख से बने ये जलपोत हल्के व कटोरे के आकार के होते हैं। चूँकि मूलतः ये नियमित परिवहन के लिए बनाए गए थे, किंतु आज इनका अधिकतर उपयोग पर्यटकों को सवारी कराने के लिए होता है।
कावेरी नदी के किनारे स्थित अंजनेय मंदिर एक ऐसा गंतव्य है जिसे मुठाठी आने वाले यात्रियों को जरूर देखना चाहिए। यह मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है जो कि हिंदू धर्म के अनुसार साहस के भगवान हैं। प्रसिद्ध लोककथा के अनुसार जब हिंदुओं के देवता राम की पत्नी...
कावेरी वन्यजीव अभयारण्य अनेक पशु-पक्षियों का निवास स्थान एक ऐसा गंतव्य है जिसे मुठाठी आने वाले यात्रियों को जरूर देखना चाहिए। इसे 14 जनवरी,1987 को वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया। लगभग 102 कि.मी. वर्ग क्षेत्र में फैला यह वन्यजीव अभयारण्य पूर्व व उत्तरी ओर से...