Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल » नालंदा » आकर्षण
  • 01हिरन्य पर्वत

    हिरन्य पर्वत

    हिरन्य पर्वत को पाल वंश के समय ओदंतपुरी या ओदंतपुरा या उद्दंतापुरा के नाम से जाना जाता था। इसका निर्माण पाल राजा धर्मपाल द्वारा आठवीं शताब्दी में करवाया गया था। यह पंचानन नदी के किनारे पर स्थित एक बौद्ध विहार या बगीचा था। इसे अब बिहार शरीफ़ नगर के रूप में विकसित...

    + अधिक पढ़ें
  • 02बड़ी दरगाह

    बड़ी दरगाह

    बड़ी दरगाह, पीर पहाड़ी नाम की छोटी पहाड़ी पर स्थित है। यह बिहार शरीफ शहर में स्थित संत मलिक इब्राहिम बायू का मंदिर है। यह पैमर नदी के किनारे स्थित है। बड़ी दरगाह के चारों ओर कई छोटे छोटे मकबरे हैं। दरगाह की दीवारों पर लिखे शिलालेखों के अनुसार संत की मृत्यु वर्ष...

    + अधिक पढ़ें
  • 03पावापुरी

    पावापुरी

    पावापुरी, नालंदा से 25 किमी दूर है और और जैनियों का तीर्थस्थल है। पावापुरी या अपापपुरी को पापमुक्त शहर भी कहा जाता है। एक कहावत के अनुसार एक सच्चा जैनी यहाँ पापमुक्त हो जाता है। जैन धर्म के सबसे बड़े प्रचारक और अंतिम तीर्थंकर भगवान् महावीर ने पावापुरी में अपना...

    + अधिक पढ़ें
  • 04घोड़ाकटोरा

    घोड़ाकटोरा

    घोड़ा कटोरा राजगीर के पास एक छोटा परन्तु अत्यंत सुंदर पिकनिक स्थल है। हिंदू पुराणों के अनुसार यहाँ राजा जरासंध (भारतीय महाकाव्य महाभारत से) का अस्तबल था, इसलिए इस जगह का नाम घोड़ा कटोरा पड़ा। यह विश्व शान्ति पगोड़ा के पास स्थित है।

    छोटी छोटी पहाड़ियों से...

    + अधिक पढ़ें
  • 06ह्वेन त्सांग मेमोरियल हॉल

    ह्वेन त्सांग मेमोरियल हॉल का निर्माण प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेन त्सांग की याद में किया गया था। यह हॉल उस चीनी यात्री को एक श्रद्धांजली है जिनके लेखों ने हमें मध्यकालीन भारत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी। नालंदा विश्वविद्यालय को प्रसिद्धि तब मिली जब 7वीं...

    + अधिक पढ़ें
  • 07सिलाओ

    सिलाओ

    सिलाओ, नालंदा और राजगीर के बीच बसा एक छोटा सा गाँव है। ये गाँव यहाँ मिलने वाली एक मिठाई ‘खाजा’ के लिए बहुत प्रसिद्ध है। इस मिठाई को स्थानीय पारंपरिक हलवाईयों द्वारा बनाया जाता है। आप रास्ते में यहाँ रूकें और स्थानीय मिठाई का लुत्फ़ उठायें।

    + अधिक पढ़ें
  • 08नालंदा पुरातात्विक संग्रहालय

    नालंदा पुरातात्विक संग्रहालय

    नालंदा पुरातात्विक संग्रहालय, नालंदा विश्वविद्यालय अवशेषों के ठीक सामने है। यहाँ पुरातात्विक विभाग ने खुदाई के दौरान मिली हुई बौद्ध एवं हिंदू कांसे की वस्तुओं और बिना क्षतिग्रस्त हुई भगवान् बुद्ध की मूर्तियों के दुर्लभ संग्रह को सावधानीपूर्वक बरकरार रखा है।

    ...
    + अधिक पढ़ें
  • 09बिहार शरीफ

    बिहार शरीफ

    बिहार शरीफ नालंदा जिले का आधुनिक जिला मुख्यालय है। यह नालंदा विश्विद्यालय के अवशेषों से 13 किमी दूर हिरन्य पर्वत पर पंचानन नदी के किनारे स्थित है। बिहार शरीफ पाल शासकों की तत्कालीन राजधानी था और यह अपने में एक समृद्ध इस्लामिक संस्कृति और विरासत को समेटें हुए...

    + अधिक पढ़ें
  • 10नालंदा विश्वविद्यालय अवशेष

    पांचवी शताब्दी की नालंदा विश्वविद्यालय के खुदाई किये गए अवशेष 14 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैले हुए हैं। संरचनाएं बहुत विस्तृत हैं और बगीचों का रखरखाव भी अच्छी तरह से किया गया है। बीच का एक रास्ता इमारत को बगीचे के दोनों ओर विभाजित करता है। यह रास्ता दक्षिण से उत्तर...

    + अधिक पढ़ें
  • 11सूरजपुर बड़ागाँव

    सूरजपुर बड़ागाँव

    सूरजपुर बड़ागाँव, नालंदा के उत्तर में स्थित है। यह स्थान एक झील और सूर्य भगवान् को समर्पित एक मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर के अंदर हिंदू और बौद्ध भगवानों की बहुत सारी मूर्तियाँ हैं। इसमें देवी पार्वती की 5 फीट ऊँची एक मूर्ती भी है। ‘छठ पूजा’ के...

    + अधिक पढ़ें
  • 12सरस्वती नदी

    सरस्वती नदी

    यह वैदिक काल की एक प्रसिद्ध नदी है जो सूख गई थी, लेकिन इसके नाम के कारण इस नदी को नालंदा जिले की राजगीर में पुनर्जीवित किया गया है और ऐसा माना जाता है कि यह नदी देवी सरस्वती जितनी ही पुरानी है। प्रशासन ने यहाँ खुदाई कर पानी निकाला और इस नदी को एक नया जीवन प्रदान...

    + अधिक पढ़ें
One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
01 Apr,Wed
Return On
02 Apr,Thu
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
01 Apr,Wed
Check Out
02 Apr,Thu
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
01 Apr,Wed
Return On
02 Apr,Thu