Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल » नवांशहर » आकर्षण
  • 01गुरुद्वारा भाई सिख हियाला

    गुरुद्वारा भाई सिख हियाला

    गुरुद्वारा भाई सिख, हियाला उस स्थान पर बनाया गया है, जो बाबा भाई सिख का पूर्व निवास माना जाता है। माना जाता है कि, बाबा जी यहाँ रहते थे और भक्तों को आध्यात्मिक की जानकारी देते थे। उनके अनुसार, जो लोग मानवता की सेवा करते हैं वे भगवान में सबसे ज्यादा विश्वास रखते...

    + अधिक पढ़ें
  • 02सूरज कुंड राहोन

    सूरज कुंड राहोन

    सूरज कुंड राहोन, राहोन में स्थित एक लोकप्रिय तीर्थ स्थल है और मुख्य शहर से करीब एक किलोमीटर पर है। इस स्थान पर श्री राम चंद्र जी से जुड़े हुए मुख्य कुण्डों में से एक कुण्ड है। पठान शासन के दौरान, बावा औगढ़ ने इस जगह को बनवाया था और इसे सूरज कुंड का नाम दिया था।...

    + अधिक पढ़ें
  • 03सनेही मंदिर नवांशहर

    सनेही मंदिर नवांशहर

    सनेही मंदिर नवांशहर का निर्माण 1869 और 1875 के बीच कराया गया था, जिसकी कुल कीमत 18,665 रुपए आयी थी। यहां पर माता चिंतापूर्णी की मूर्ति है, जो जयपुर से लायी गई थी। लोग मानते हैं कि इस मंदिर का भ्रमण करने के बाद भक्तों की सभी सांसारिक चिंताएं दूर हो जाती हैं। मंदिर...

    + अधिक पढ़ें
  • 04गुरुद्वारा हर राय डांडा साहिब सांधवान फराला

    गुरुद्वारा हर राय डांडा साहिब सांधवान फराला

    गुरुद्वारा हर राय डांडा साहिब सांधवान फराला वह जगह है, जहां गुरू हर राय जी मुगल काल में श्री आनंदपुर साहिब जाते समय कुछ दिनों के लिए रुके थे। यह धार्मिक स्थल मुख्य शहर में स्थित है, जहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

    + अधिक पढ़ें
  • 05गुरुद्वारा सिंह सभा नवांशहर

    गुरुद्वारा सिंह सभा नवांशहर

    गुरुद्वारा सिंह सभा नवांशहर 1928 में 25 सदस्यीय समिति द्वारा बनवाया गया था, जिन्होंने इस धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए जमीन खरीदी थी। गुरुद्वारे के निर्माण के लगभग 23 साल के बाद, एक 5 सदस्यीय बोर्ड ने आवासीय कमरे, कार्यालय, स्कूल, लंगर खाना और 3600 फुट चौड़े हॉल...

    + अधिक पढ़ें
  • 06गुरुद्वारा शाहीदान उरापर

    गुरुद्वारा शाहीदान उरापर

    गुरुद्वारा शाहीदान उरापर राहोन में बांदा बहादुर के खिलाफ लड़ाई में अपने जीवन का बलिदान करने वाले बहादुर सैनिकों की स्मृति में बनवाया गया था। 1711 में निर्मित, यह गुरुद्वारा वास्तव में सभी शहीद सिख सैनिकों की श्मशान भूमि है।

    + अधिक पढ़ें
  • 07गुरुद्वारा शहीदगंज तलवंडी जत्‍तन

    गुरुद्वारा शहीदगंज तलवंडी जत्‍तन

    गुरुद्वारा शहीदगंज तलवंडी जत्‍तन, सूबेदार शम्स खान के खिलाफ लड़ाई में मारे गए सैनिकों के सम्मान में बनवाया गया था। गोडरिया सिंह, लोडरिया सिंह और रूप कौर बेहराम ने सूबेदार के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, जिसने एक लड़की का अपहरण किया था।

    यह गुरुद्वारा वही स्थान...

    + अधिक पढ़ें
  • 08गुरुद्वारा चरन कंवल (जींदोवाली)

    गुरुद्वारा चरन कंवल (जींदोवाली)

    गुरुद्वारा चरन कंवल (जींदोवाली) गुरु हरगोबिंद सिंह - छठे सिख गुरु जी की याद में बनवाया गया था। ऐसा माना जाता है कि, पेंदे खान की हत्या के बाद गुरु ने इस जगह का दौरा किया था। जब वो यहां रुके थे तब, जीवा नामक एक स्थानीय जमींदार को उन्होंने दूध से आशीर्वाद दिया था।...

    + अधिक पढ़ें
  • 09शिवाला बन्ना मल

    शिवाला बन्ना मल

    शिवाला बन्‍ना मल का निर्माण महाराजा कपूरथला के मुख्यमंत्री- दीवान बन्ना मल द्वारा कराया गया था। नवांशहर के मुख्य शहर में स्थित, शिवाला उतना ही पुराना माना जाता है जितना पुराना शहर है। दीवान बन्‍ना मल का इस्‍तेमाल हाथी पर नवांशहर घूमने के लिये किया जाता...

    + अधिक पढ़ें
  • 10गुरुद्वारा नानकसर, हकीमपुर

    गुरुद्वारा नानकसर, हकीमपुर

    हकीमपुर नामक गांव के पूर्वी भाग में स्थित गुरुद्वारा नानकसर, गुरु हरि राय साहिब जी की स्मृति में महाराजा रणजीत सिंह द्वारा बनवाया गया था। ऐसा माना जाता है, कि कीरतपुर साहिब की ओर बढ़ते समय, गुरु ने कुछ दिनों के लिए यहां विश्राम किया था।

    कहावतों के अनुसार,...

    + अधिक पढ़ें
  • 11नभ कंवल

    नभ कंवल

    नभ कंवल, (नौ-अबद) मजरा राज साहिब में स्थित है, जिसे प्रसिद्ध संत राजा साहिब के सम्‍मान में बनवाया गया था। नभ कंवल के साथ जुड़े धार्मिक स्थान झिंगरन और रेफा गांवों में स्थित हैं।

    + अधिक पढ़ें
  • 12गुरुद्वारा गुरुपरताप

    गुरुद्वारा गुरुपरताप

    थाना बेहराम के गांव में स्थित गुरुद्वारा गुरुपरताप, नौवें सिख गुरु - गुरू तेग बहादुर साहिब जी की यात्रा की स्मृति में बनवाया गया था। गुरुद्वारे के लिए भूमि महाराजा रणजीत सिंह द्वारा दान में दी गई थी, जिनको 'पंजाब का शेर' का उपनाम दिया गया था।

    क्षेत्र में...

    + अधिक पढ़ें
  • 13गुरुद्वारा तहली साहिब नवांशहर

    गुरुद्वारा तहली साहिब नवांशहर

    राहोन रेलवे स्टेशन से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गुरुद्वारा तहली साहिब नवांशहर, श्री गुरु नानक देव जी के बेटे- बाबा श्री चंद की याद में निर्मित है। यह माना जाता है कि, बाबा श्री चंद जी 40 दिनों के लिए यहां रुके थे और तप किया था। कहा जाता है एक पुराना शीशम पेड़...

    + अधिक पढ़ें
  • 14गुरुद्वारा मंजी साहिब नवांशहर

    गुरुद्वारा मंजी साहिब नवांशहर

    गुरुद्वारा मंजी साहिब नवांशहर शहर में सबसे पुराने गुरुद्वारों में गिना जाता है। माना जाता है नौवें सिख गुरु, गुरू तेग बहादुर साहिब जी अपने बाबा बकाला साहिब से कीरतपुर साहिब के रास्ते पर, कुछ समय के लिए इस स्थान पर रहे थे। उनके साथ माता गुजरी जी, भाई माटी दास जी और...

    + अधिक पढ़ें
  • 15गुरुद्वारा गुरुपलाह (सोत्रन)

    गुरुद्वारा गुरुपलाह (सोत्रन)

    सबसे खूबसूरत गुरुद्वारों में से एक गुरुद्वारा गुरुपलाह (सोत्रन), छठे सिख गुरु - गुरु हरगोबिंद साहिब जी के सम्मान में बनावाया गया था। ऐसा माना जाता है, कि अपनी आखिरी लड़ाई के अंत के बाद, कीरतपुर साहिब जाने से पहले वे इस जगह पर आए थे और कुछ दिनों के लिए यहां ठहरे...

    + अधिक पढ़ें
One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
29 Jul,Wed
Return On
30 Jul,Thu
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
29 Jul,Wed
Check Out
30 Jul,Thu
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
29 Jul,Wed
Return On
30 Jul,Thu