सनेही मंदिर नवांशहर का निर्माण 1869 और 1875 के बीच कराया गया था, जिसकी कुल कीमत 18,665 रुपए आयी थी। यहां पर माता चिंतापूर्णी की मूर्ति है, जो जयपुर से लायी गई थी। लोग मानते हैं कि इस मंदिर का भ्रमण करने के बाद भक्तों की सभी सांसारिक चिंताएं दूर हो जाती हैं। मंदिर का प्रबंधन सनेही संकीर्ता मंडल समिति द्वारा किया जाता है। हर साल मंदिर में गरीब लड़कियों के विवाह का आयोजन किया जाता है।



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