मंगलबार रात मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (CSMIA) पर तेज हवाओं की वजह से उड़ानों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई, जिससे देर रात कई फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा। 30 सितंबर की रात 12:57 बजे तक मुंबई आ रही कम से कम 11 उड़ानों का रूट बदला गया, जिनमें से ज्यादातर को सूरत और बाकी को अहमदाबाद, नासिक और वडोदरा में लैंड कराया गया। उड़ानों के डायवर्जन का यह सिलसिला शाम करीब 5:45 बजे शुरू हुआ और देर रात तक चलता रहा, जिससे कनेक्टिंग फ्लाइट्स और क्रू मेंबर्स के शेड्यूल पर असर पड़ा।
अब बुधवार सुबह उड़ानों का संचालन सामान्य होना इस बात पर निर्भर करेगा कि हवा की गति कम होती है या नहीं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 30 सितंबर के लिए शहर में केवल हल्की बारिश का अनुमान है और कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन हवा के थपेड़े रनवे पर विमानों के टर्नअराउंड को धीमा कर सकते हैं। जब हवाएं लगातार तेज बनी रहती हैं, तो मुंबई एयरपोर्ट को अपने सेकेंडरी रनवे 14/32 पर काम करना पड़ता है। इससे एयरपोर्ट की क्षमता घट जाती है और खासकर सुबह के पीक आवर्स में उड़ानों को सामान्य करने में देरी होती है।

मुंबई एयरपोर्ट: फ्लाइट्स का डायवर्जन और रनवे का हाल
मंगलवार देर रात और मध्यरात्रि के बाद मिली आधिकारिक व मीडिया जानकारियों के मुताबिक, डायवर्ट की गई ज्यादातर फ्लाइट्स सूरत उतारी गईं, जबकि कई अन्य उड़ानों की लैंडिंग अहमदाबाद में कराई गई। इसके अलावा, मुंबई के मुख्य रनवे पर तेज हवाओं के कारण सुरक्षित लैंडिंग न हो पाने की वजह से कुछ अलग-थलग फ्लाइट्स को नासिक-ओझर और वडोदरा भी भेजा गया।
| वैकल्पिक एयरपोर्ट (Alternate airport) | डायवर्ट की गईं कुल उड़ानें (रात भर) |
|---|---|
| सूरत | 6–8 फ्लाइट्स |
| अहमदाबाद | 3 फ्लाइट्स |
| नासिक‑ओझर | 1 फ्लाइट |
| वडोदरा | 1 फ्लाइट |
एयरलाइंस ने संकेत दिए हैं कि हवा की रफ्तार कम होते ही विमानों की वापसी शुरू कराई जाएगी। गेट्स की उपलब्धता और क्रू के वर्किंग आवर्स (ड्यूटी टाइम) को देखते हुए, कुछ एयरलाइंस यात्रियों को सड़क मार्ग से भेजने या बाद की उड़ानों में रीबुक करने का विकल्प चुन सकती हैं। इसलिए सुबह होते ही तुरंत हालात सामान्य होने के बजाय उड़ानों का संचालन धीरे-धीरे ही पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
मुंबई एयरपोर्ट पर सुबह की उड़ानों में देरी: सुबह 6 से 11 बजे का अपडेट
रात की अव्यवस्था का असर सुबह 6 से 9 बजे के बीच आने वाली उड़ानों और शुरुआती घरेलू प्रस्थान (डिपार्चर) पर पड़ने की पूरी संभावना है। सुबह 6:30 से 7:30 बजे के बीच लाइव ट्रैकर्स पर आमतौर पर 20 से 45 मिनट की देरी देखी जा रही है। सुबह 10 से 11 बजे के आसपास जब कुछ उड़ानें तय समय पर रवाना हो जाएंगी, तब जाकर स्थिति संभलने की उम्मीद है। इसलिए घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइन के ऐप या CSMIA के स्टेटस पेज पर अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें और कम से कम 45 से 60 मिनट का एक्स्ट्रा टाइम लेकर निकलें।
यात्रियों के अधिकार और फ्री-रेशेड्यूलिंग की सुविधा
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों के मुताबिक, खराब मौसम और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से जुड़ी दिक्कतों को 'असाधारण परिस्थिति' माना जाता है। इस स्थिति में एयरलाइंस कैश मुआवजे देने के लिए बाध्य नहीं हैं, लेकिन लंबे इंतजार के दौरान यात्रियों को खाना-पीना और जरूरत पड़ने पर होटल ट्रांसफर की सुविधा देना अनिवार्य है। अगर आपकी घरेलू फ्लाइट 6 घंटे से ज्यादा लेट होती है, तो आप 6 घंटे के भीतर किसी दूसरी फ्लाइट की मांग कर सकते हैं या फिर पूरा रिफंड ले सकते हैं। बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के बुकिंग बदलने (वेवर) के ऑफर्स के लिए अपनी एयरलाइन के ऐप पर नजर बनाए रखें।
अगर आपकी फ्लाइट सूरत, अहमदाबाद या पुणे डायवर्ट हुई है तो क्या करें?
ऐसे समय में एयरलाइन के क्रू के निर्देशों का पालन करें और अगर आपका चेक-इन सामान जमा है, तो खुद से एयरपोर्ट छोड़कर जाने की जल्दबाजी न करें। अगर एयरलाइन ने आपको कम से कम 6 घंटे पहले सूचना दिए बिना किसी दूसरे एयरपोर्ट पर उतारा है, तो DGCA के नियम के मुताबिक आपके तय एयरपोर्ट तक पहुंचाने या उसका खर्च उठाने की जिम्मेदारी एयरलाइन की होती है; इसके लिए लिखित में पुष्टि लें और सभी रसीदें संभालकर रखें। इसके अलावा, एयरलाइन से मुंबई के लिए जल्द से जल्द मिलने वाली अगली फ्लाइट या आगे की सुरक्षित कनेक्टिंग फ्लाइट में बुकिंग कराने का अनुरोध करें।



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