इस पार्क में सरीसृपों की 160 से ज्यादा प्रजातियां देखने को मिल जाएंगी। इस पार्क का निर्माण 1986 में करवाया गया था। यहां सापों के अलावा अन्य जीव-जन्तु भी पाले गए है। यहां पर 9 फुट लम्बा कोबरा आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।
नागपंचमी का त्यौहार यहां धूमधाम से मनाया जाता है और लोगों को सापों के बारे में जागरूक किया जाता है ताकि जनता सापों को नुकसान न पहुचाएं।



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