पणजी के इल्हास जि़ले में रिबंदर एक नया उपनगर है जिसका नाम बंदर अर्थात् राजाओं की बंदरगाह से लिया गया है। यह आज भी स्पष्ट नहीं है कि यह किस राजा से संबंधित है, लेकिन फिर भी रिबंदर में धरोहर के रूप में अनेक चर्च और एशिया का सबसे पहला माना जाने वाला अस्पताल, प्रतिष्ठित ’गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट’ स्थित हैं।
शाम के समय किसी भी पुल से देखने पर रिबंदर की हरियाली और पानी किसी फिल्मी सीन के समान लगता है। रिबंदर हर प्रकार से व्यवसायीकरण से बहुत दूर है। यह जगह गोवा के प्रसिद्ध पादरी फ़ादर एंटोनियो फ्रांसिसको ज़ेवियर एल्वेअर्स से भी जुड़ी है जिन्हें संट मेरी ऑर्थोडॉक्स चर्च में दफ़नाया गया था।
मांडोवी नदी के किनारे और मांडोवी-पणजी संगम से बने नदीमुख के पास स्थित रिबंदर तक आसानी से पहुँचा सकता है। इस जगह को बहुत से पुलों की सहायता से गोवा के बाकी इलाकों से जोड़ा गया है और टैक्सी से आप यहाँ आसानी से पहुँच सकते हैं। यदि आप सुंदर नज़ारों और निर्मल हवा कर मज़ा लेते हुए मंदिर और चर्च देखना चाहते हैं तो एक बाईक किराए पर लीजिए और अपने समयानुसार घूमने के लिए निकल जाइए।



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