भिंडावास झील वीकेंड पिकनिक मनाने वालों, पक्षी प्रेमियों, फोटोग्राफरों और वीडियाग्राफरों के लिए एक आदर्श स्थान है। इसे हरियाणा का सबसे बड़ा जल क्षेत्र माना जाता है। यह झील करीब 12 किमी क्षेत्र में फैला हुआ है।
इसे 1985 में वन्यजीव अभ्यारण्य घोषित कर दिया गया था। भिंडावास झील एक मानव निर्मित झील है, जिसका निर्माण उस पानी को इकठ्ठा करने के लिए किया गया है, जो बिजली गुल होने के कारण जवाहरलाल नेहरू केनाल से बाहर नहीं निकाला जा सकता है। यहां विश्व के हर हिस्से से हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी आरामदायक वातावरण में रहने के लिए आते हैं।
यहां आने वाले प्रवासी पक्षी न सिर्फ संख्या में ज्यादा होते हैं, बल्कि वह अलग-अलग प्रजाति के भी होते हैं। यही कारण है कि यह झील बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। आप यहां किंगफिशर, मोर, बुलबुल, कॉमन हूपो, ग्रेटर कॉर्मरंट, नीली दलदीय मुर्गी सहित अन्य पक्षियों को उड़ते हुए देख सकते हैं।
साथ ही उनकी मधुर आवाज वातावरण में मिठास घोल देती है। इसके अलावा झील का झिलमिलाता पानी आंखों को सुकून पहुंचाने वाला होता है। झील में कई सारे छोट-छोट टापू हैं, जिस पर पक्षियां आराम करते हैं। यह झील इतना दूर तक फैला हुआ है कि इसे सामान्य लेंस से कैमरे में कैद नहीं किया जा सकता।



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