विरास-ए-खालसा को पहले खालसा हेरिटेज मेमोरियल कॉम्पेक्स के नाम से जाना जाता था। इसे बनाने में 13 साल का समय लगा और यह 2011 में बनकर तैयार हुआ। म्यूजिम में आपको सिक्ख धर्म की स्थापना और बाद में बने खालसा पंथ से जुड़ी घटनाओं का विस्तृत विवरण मिल जाएगा।
यहां लाइब्रेरी और प्रदर्शनी गैलरी के अलावा एक ऑडिटोरियम भी है, जिसमें 400 लोग बैठ सकते हैं। इस म्यूजियम की डिजाइन में आधुनिक और किला निर्माण की वास्तुशिल्पीय झलक देखी जा सकती है। बाहरी दीवार पर स्थानी शहद के रंग के खुरदरे पत्थर से म्यूजियम और भी शानदार हो उठता है। पर्यटक मंगलवार से रविवार सुबह 9.30 बजे से शाम 4 बजे तक विरास-ए-खालसा घूम सकते हैं।



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