कोट्टई मरियम्मन मंदिर सेलम के दिल में स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यह शहर के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है। मंदिर तिरुमनिमुतर नदी के तट पर स्थित है। मंदिर देवी कोट्टई मरियम्मन को समर्पित है, जिन्हें सेलम किले की संरक्षक माना जाता है।
कहा जाता है कि देवी बारिश लेकर आती हैं बहुत सारे भक्त उस दौरान पूजा करते हैं, जब यहां बारिश होती है। मंदिर का निर्माण चारा राजाओं ने अपने शासनकाल मं करवाया था। मंदिर का निर्माण जिस जगह पर किया गया है, उसे किला कहा जाता था, क्योंकि वहीं पर सेलम का किला स्थित है।
शेवापत मरियम्मन मंदिर कार फेस्टिवल हर साल यहां एक सप्ताह के लिये जुलाई और अगस्त के महीने में मनाया जाता है, जिसें हजारों श्रद्धालु आते हैं।



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