शहर के बीच में स्थित वार्डस झील शिलांग का एक और चर्चित पर्यटन स्थल है। स्थानीय लोगों में भी यह उतना ही लोकप्रिय है और वे सप्ताहांत और छुट्टियों में यहां आते हैं। ब्रिटिश शासनकाल के दौरान विलियम वार्ड असम के मुख्य आयुक्त हुआ करते थे। उसी समय इस झील का निर्माण किया गया, जिससे इसका नाम वार्डस झील पड़ा।
घोड़े की नाल के आकार का यह झील कभी राज भवन का हिस्सा हुआ करता था। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस झील का निर्माण एक खासी कैदी द्वारा किया गया था, जिन्होंने काम के लिए सेल से बाहर निकालने का अनुरोध किया था। ऐसा कहा जाता है कि उनके शुरुआती काम ने प्रशासन को इस झील के निर्माण के लिए प्रेरित किया।
स्थानीय लोग इस झील को ‘नन पोलोक’ या ‘पोलोक झील’ ने नाम से भी पुकारते हैं। इस खूबसूरत झील और इसके ब्रिज के इर्द गिर्द ही शिलांग की योजना बनाई गई थी। झील के बगल में स्थित बोटनिकल गार्डन में पर्यटक पौधों की कुछ दुर्लभ प्रजातियों को देख सकते हैं।
पत्थरों की पगडंडी और रंग-बिरंगे फूल यहां की खूबसूरती को और भी बढ़ा देते हैं। यहां हाल ही में लाइट और साउंड भी लगाया गया है, जो कि शाम के समय का एक प्रमुख आकर्षण है। अगर आप झील घूमने जा रहे हैं, तो नौका विहार का आनंद जरूर लें।



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