खानकाह ऑफ शाह हमदान को शाह - आई - हमदान और खानकाह - ई - मोला के नाम से भी जाना जाता है। इस धार्मिक स्थल को सुल्तान सिकन्दर ने श्रीनगर में झेलम नदी के किनारे पर 1400 ई. में बनवाया था। यह मस्जिद मुस्लिम सूफी संत मीर सैयद अली हमदानी के सम्मान में बनवाई गई थी। मीर सैयद अली हमदानी साहब ने जम्मू और कश्मीर में पहली बार इस्लाम धर्म का लोकप्रिय किया था।
यहां हर साल इस्लामी चंद्र कैलेंडर के अनुसार, वर्ष आखिरी माह के छठे दिन पर, मीर सैयद अली हमदानी की पुण्यतिथि मनाई जाती है। इस दिन बड़ी संख्या में भक्त मस्जिद में प्रार्थना करने आते हैं। इस श्राइन में खूबसूरत और लकड़ी से बनी नक्काशीदार छत व हैंगिग बाल्स हैं जो आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं। मस्जिद की भीतरी प्राचीन दीवारों पर कई ऐतिहासिक ग्रंथों और धार्मिक उपदेशों को लिखा गया है।



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