इस झील का नाम गोपी की याद में रखा गया है जिसके प्रयासों से ही सूरत का विकास होने लगा था। यहाँ चार मस्जिदें हैं- खुदावंद मस्जिद, सैयद इदरिस मस्जिद और नव सईद मस्जिद के साथ ख्वाजा दीवान साहिब।
इस झील का नाम गोपी की याद में रखा गया है जिसके प्रयासों से ही सूरत का विकास होने लगा था। यहाँ चार मस्जिदें हैं- खुदावंद मस्जिद, सैयद इदरिस मस्जिद और नव सईद मस्जिद के साथ ख्वाजा दीवान साहिब।