सोमवार, 24 अगस्त को निकलने वाली सावन की चौथी बाबा महाकाल की सवारी को लेकर उज्जैन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। महाकाल लोक के आसपास पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने के साथ ही सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। अगर आप भी बाबा महाकाल के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो नए रूट चार्ट और सही ट्रैवल प्लानिंग की मदद से बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सकते हैं।
बाबा महाकाल की पावन शाही सवारी शाम 4:00 बजे मंदिर के सभा मंडप से रवाना होगी। भगवान महाकाल की पवित्र पालकी गुदरी चौराहा, बख्शी बाजार और कहारवाड़ी से होते हुए रामघाट पहुंचेगी। यहां शाम करीब 5:30 बजे मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी के पवित्र जल से भगवान का जलाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद सवारी गोपाल मंदिर और पटनी बाजार होते हुए वापस मंदिर लौटेगी। अगर आप भीड़-भाड़ से बचकर आराम से दर्शन करना चाहते हैं, तो सुबह 6:00 बजे का समय सबसे बेहतर रहेगा।

महाकाल सवारी: ट्रैफिक डायवर्जन और ट्रांसपोर्ट के विकल्प
उज्जैन पुलिस ने महाकाल लोक के 2 किलोमीटर के दायरे में निजी वाहनों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। गाड़ियों की पार्किंग के लिए कर्कराज मैदान और इंदौर रोड से आने वाले रास्तों पर स्पेशल पार्किंग ज़ोन बनाए गए हैं। इंदौर से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मेमू (MEMU) स्पेशल ट्रेनें लगातार चल रही हैं। वहीं, बाहरी बैरिकेड्स से मंदिर के मुख्य द्वारों तक जाने के लिए ई-रिक्शा और बैटरी कार्ट की भी बेहतरीन सुविधा उपलब्ध है।
| सर्विस का प्रकार | उपलब्ध विकल्प | अनुमानित खर्च / समय |
|---|---|---|
| इंटरसिटी ट्रैवल | मेमू ट्रेनें और लोकल बसें | ₹30–₹120 (1 घंटा) |
| मंदिर तक आवाजाही | ई-रिक्शा और बैटरी कार्ट | ₹20–₹50 प्रति सवारी |
| ठहरने के विकल्प | रिफंडेबल होटल और धर्मशालाएं | ₹1,000–₹3,000 / रात |
महाकाल सवारी पास, बजट स्टे और मौसम से जुड़ी टिप्स
सुबह होने वाली भस्म आरती के फिजिकल पास की मांग काफी ज्यादा रहती है, इसलिए ये बहुत जल्दी खत्म हो जाते हैं। ऐसे में श्रद्धालु मंदिर परिसर में बने ऑफिशियल वर्चुअल रियलिटी (VR) शो का भी आनंद ले सकते हैं। रुकने के लिए महाकाल लोक के पास ₹1,000 से ₹3,000 प्रति रात में रिफंडेबल बजट होटल पहले से बुक करना समझदारी होगी। मौसम विभाग के मुताबिक हल्की बारिश की संभावना है, इसलिए लंबी लाइनों में खड़े होने के लिए अपने साथ एक छोटा छाता जरूर रखें।
अगर आपके साथ छोटे बच्चे या बुजुर्ग हैं, तो मंदिर में बनी स्पेशल प्रायोरिटी (प्राथमिकता) लाइनों का ही इस्तेमाल करें। ज्यादा पैदल चलने के लिए आरामदायक जूते पहनें और पीने का पानी साथ रखें, ताकि शरीर में एनर्जी बनी रहे। प्रशासन द्वारा जारी ट्रैफिक नियमों और आधिकारिक निर्देशों का पालन करके आप अपनी इस धार्मिक यात्रा को बेहद सुखद और यादगार बना सकते हैं।



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